Recent Posts

Archive

Tags

No tags yet.

क्या एलिमेंटल नॉलेज के बिना ध्यान की स्टेज जानना संभव नहीं है?

क्या हैं त्रिगुण अथार्त तीन ELEMENT(FIRE,WATER,AIR) ?-

07 FACTS;-

1-प्रकृति त्रिगुणमयी हैं। हमारे त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश ... तीनो प्रकृति के तीन गुणों (FIRE,WATER,AIR) का प्रतिनिधित्व करते हैं।वे सी क्यूब हैं ;अथार्त CREATOR,CARING और CONCLUSIVE... ब्रह्मा...FIRE ELEMENT(रजोगुण/

पित्त); विष्णु ..WATER ELEMENT(तमस/कफ ) और महेश... AIR ELEMENT( सत्वगुण/वात)का प्रतिनिधित्व करते हैं।और वे तीनो हीं अर्धनारीश्वर हैं।

2-संसार में WATER-CONTENT 70% है अथार्त WATER-ELEMENT के 70% लोग है।AIR CONTENT 28 % है अथार्त AIR -ELEMENT के 28% लोग है।FIRE CONTENT 2% है अथार्त FIRE -ELEMENT के 2% लोग है।

3-इस तत्वज्ञान से ये सिद्ध होता है....

1-ब्रह्मा;- FIRE ELEMENT/ FUTURE/रजस ,

2-विष्णु;- WATER-ELEMENT/ PAST/तमस

3-महेश;- AIR ELEMENT /PRESENT /सत्वगुण का प्रतिनिधित्व करते हैं।

4-त्रिगुण ..जो वर्तमान में हैं, वही भविष्य में है,जो भविष्य में है, वही भूत में भी हैं।ये तीनों ही काल एक दूसरे के विरोधी हैं ,परन्तु आत्मतत्व स्वरुप से एक ही हैं।आकाश, वायु, अग्रि, जल और पृथ्वी, यह पंच महाभूत सारे ब्रह्माण्ड को तो बनाते ही हैं हमारे शरीर की भी रचना करते हैं। आकाश और पृथ्वी तो प्रत्येक प्राणी के आधारभूत तत्व हैं;जिसके असंतुलन से एक सामान्य व्यक्ति होना ही संभव नहीं हैं।इसके बाद मुख्य रूप से तीन गुण प्रत्येक व्यक्ति में हैं।दो गुणों से कोई भी व्यक्ति बन नहीं सकता।एक गुण के साथ किसी व्यक्ति के अस्तित्व की कोई संभावना नहीं है। उन तीनों का जोड़ ही आपको शरीर और मन देता है।जैसे बिना तीन रेखाओं के कोई त्रिकोण न बन सकेगा, वैसे ही बिना तीन गुणों के कोई व्यक्तित्व न बन सकेगा। उसमें एक भी गुण कम होगा, तो व्यक्तित्व बिखर जाएगा।

5-अगर कोई व्यक्ति कितना ही सत्व-प्रधान हो, तो सत्व-प्रधान का इतना ही अर्थ है कि सत्व प्रमुख है, बाकी दो गुण सत्व के नीचे छिप गए हैं, दब गए हैं। लेकिन वे दो गुण मौजूद हैं और उनकी छाया सत्वगुण पर पड़ती रहेगी।प्रधानता उनकी नहीं है, वे गौण हैं।मनुष्य में तीनों प्रकार के त्रिगुण / त्रिदोष होते हैं किन्तु दो प्रधान दोषों के आधार पर उन्हें द्विंदज मान लिया जाता है।आपमें कोई भी गुण प्रकट हो, तब भी दो मौजूद होते हैं।

6-त्रिगुण / त्रिदोष... के अलग-अलग संयोजन हमारे शरीर में वात पित्त और कफ के रूप में रहते हैं।इस प्रकार संसार में केवल 6 प्रकार के मनुष्य होते हैं...

6-1-WATER-FIRE(कफ-पित्त)

6-2-WATER- AIR,(कफ-वात)

6-3-AIR- FIRE(वात-पित्त)

6-4-AIR-WATER(वात-कफ)

6-5-FIRE-AIR( पित्त-वात),

6-6-FIRE-WATER(पित्त-कफ) 7-त्रिगुण/त्रिदोष मानव शरीर की उत्पत्ति के कारक भी हैं।असंतुल