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क्या है सुख समृद्धि का सरल उपाय ?क्या टोटका करना भी एक सटीक विज्ञान है?

आज का युग अर्थ का युग है. अर्थ की इस युग में धन की अपनी एक प्राथमिकता है. धन की कमी के कारण आपके बहुत से काम अटके रह जाते हैं. आर्थिक संकट से मुक्त होकर समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए एक बहुत ही सरल साधना का विधान है. जिसमें आपका एक रुपया भी खर्च नहीं होगा. इसे करने के लिए आपको कहीं आने जाने की जरूरत नही होगी. जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, जिनके पास धन नहीं रुकता है, कर्ज जिनका पीछा नहीं छोड़ रहा है वे इसे जरूर करें.

साधना की सामग्री:- एक लोटा जल और शहद साधना की अवधि:- 40 दिन साधना का मंत्र:- ''ॐ शं शंकराय धनम् देहि देहि ॐ'' साधना का स्थान:- साधना के लिए अपने आसपास किसी एक शिव मंदिर को चुन लें.

साधना विधि'-

08 POINTS;- 1.मंदिर में शिवलिंग के पास उत्तर की दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं. 2.जल से भरे हुई पात्र को अपने दाएं और रख लें उसमें थोड़ा शहद मिला ले. 3. भगवान शिव से कामना करें:- कहे हे शिव आप मेरे गुरु हैं मै आपका शिष्य हूँ मुझ शिष्य पर दया करें. मैं आपको साक्षी बनाकर समृद्धि साधना करने जा रहा हूं. आप इसे स्वीकार करें साकार करें और मेरे जीवन में समृद्धि की स्थापना करें. आपका धन्यवाद है. 4. मंत्र से अनुरोध करें:- कहे हे दिव्य मंत्र ॐ शं शंकराय धनम् देहि देहि ॐ आप मेरी भावनाओं के साथ जुड़ जाएं मेरे तन मन मस्तिष्क आभामंडल ऊर्जा चक्रों में व्याप्त हो जायें. मेरे रोम रोम में बस जाएं. मैं आपका जाप करने जा रहा हूं. आप मेरे लिए सिद्ध हो जाएं. आपका धन्यवाद है 5. 20 मिनट मंत्र का लगातार जाप करें. 6. मंत्र संपूर्ण होने पर पास में रखे शहद मिश्रित जल को शिवलिंग पर चढ़ा दें. 7. भगवान शिव को 10 मिनट राम-राम सुनाएं. 8. भगवान शिव को धन्यवाद दे.

सावधानियां:-

05 POINTS;- 1. तांबे के लोटे का उपयोग बिल्कुल भी ना करें इसके अलावा किसी भी धातु के लोटे का उपयोग करें. तांबा दूध, दही व् मीठी चीजों के साथ रिएक्शन करके सल्फर उत्प्नन करता है. जो जहर सा होता है. 2. साधना के दौरान ना तो किसी से बातें करें ना मोबाइल अपने पास रखें. 3. 40 दिनों तक गुस्से और आलोचना से बचें. 4. मंत्र जाप रोज एक ही जगह पर और एक ही समय पर करें. एक ही समय और एक ही जगह पर की गई साधनाओं का फल कई गुना बढ़ जाता है. 5. साधना से पहले और बाद में 5 मिनट की एक्सरसाइज करें या हर हर महादेव का योग करें.

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हर हर महादेव योग;-

उपचार शुरू करने से पहले हर हर महादेव योग करें. इससे उर्जा का स्तर तत्काल बढ़ जाता है। उपचार अधिक प्रभावशाली होता है और उपचारक की सुरक्षा सुनिश्चत होती है। इसके लिये दोनो हाथों को कुहनी से मोड़कर कंधों के पास लायें। मुट्ठी बंद कर लें। फिर हाथों को तेजी से उठाते हुए सिर के ऊपर तक ले जायें। ऊपर जाते जाते मुटि्ठयां खुल जायें। साथ ही हर हर महादेव का उच्चारण करें। इसे कम से कम 5 मिनट तक करें। जोश में किया जाये तो यह योग डिप्रेशन तक की उर्जायें समाप्त करने में सक्षम हैं।

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सुख समृद्धि का सरल उपाय ;- शर्करा अर्थात् शक्कर अर्थात चीनी से बने शिवलिंग पर पूजा अर्चन से घर में सुख समृद्धि स्थापित होता है. शास्त्रों के मुताबिक इससे दरिद्रता के सभी लक्षण समाप्त हो जाते हैं. शक्कर से बने शिवलिंग में उर्जाओं के शोधन का विशेष गुण होता है. साथ ही ये शिवलिंग साधक के मूलाधार, अनाहत और आज्ञा चक्र को पोषित करते हैं. विधान;-

07 FACTS;-

चीनी का शिवलिंग...चीनी में थोड़ा सा शहद या घी मिलाकर उसे गीली मिट्टी की तरह नम कर लें. उसके बाद उसे शिवलिंग के आकार में स्थापित कर लें. 1.-गुरूशिव को नमन करके साक्षी बनायें. कहें- *देवों के देव महादेव मेरे गुरूदेव भगवान शिव आपको साक्षी बनाकर मै सुख समृद्धि हेतु शर्करा शिवलिंग पर अर्चना कर रहा हूं. आप इसे स्वीकार करें. साकार करें. 2- शक्कर का शिवलिंग बनायें. इनसे लक्ष्मी आकर्षण का आग्रह करें. ''कहें-दिव्य शिवलिंग आपको मेरा प्रणाम है. आप मेरी भावनाओं से जुड़कर मेरे लिये सिद्ध हो जायें. मुझे सुख समृद्धि सिद्धि प्रदान करें.'' 3- सरसों के तेल का दीपक जला लें. सुगंध के लिये सूखी धूप जलायें. फिर शर्करा शिवलिंग का पंचोपचार पूजन करें.

पंचोपचार पूजन.....इस तरह पंचोपचार पूजन करके मंत्र का जप शुरू करें.. 3- 1. स्नान.... चम्मच से जल डालकर स्नान करायें. कहें- प्रभु स्नान ग्रहण करके मेरे लिये कल्याणकारी बने रहें. 3- 2. वस्त्र..... वस्त्र के रूप में कलावा (मौली) का टुकड़ा अर्पित करें. कहें- प्रभु वस्त्र ग्रहण करके मेरे लिये कल्याणकारी बने रहें. 3- 3. दीप...... दीपक पर चावल छिड़ककर कहें- प्रभु दीप दर्शन करके मेरे लिये कल्याणकारी बने रहें. धूप....... धूप दिखाकर कहें- प्रभु धूप सुगंध ग्रहण करके मेरे लिये कल्याणकारी बने रहें. 3- 4. पुष्प-माला.... पुष्प माला अर्पित करके कहें- प्रभु पुष्पांजली स्वीकार करके मेरे लिये कल्याणकारी बने रहें. 3- 5. नैवेध.... मिठाई फल अर्पित करके कहें- प्रभु नैवेध ग्रहण करें और मेरे लिये सदैव कल्याणकारी बने रहें. दक्षिणा.... दक्षिणा के रूप में सुपारी अर्पित करें. कहें- दक्षिणा स्वीकारें और मुझे परिवार सहित सुख समृद्धि प्रदान करें.

4 -पंचोपचार के बाद शिवलिंग को एकटक देखते हुए 30 मिनट ''ऊं. शं शंकराय धनम् देहि देहि ऊं.'' मंत्र का जप करें. 5- पूजा पूर्ण होने के बाद शिवलिंग को विसर्जित करें. विसर्जन के लिये हाथ जोड़कर घर में उर्जा स्थापन का आग्रह करें. कहें- ''हे दिव्य शिवलिंग आप अपने भीतर अर्जित सुखकारी उर्जाओं को मेरे घर के कोने कोने में फैला दें. मेरे घर के हर व्यक्ति के जीवन में फैला दें. मेरे परिवार में सुख समृद्धि स्थापित करें.'' 6- उक्त प्रार्थना के बाद शिवलिंग को कम से कम 10 मिनट वहीं रहने दें. उसके बाद जब भी सुविधा हो शिवलिंग की शक्कर को समेटकर किसी पेड़ की छाया में चीटियों के भोजन हेतु डाल दें. 7- यह प्रयोग लगातार 1 माह करें. महिलायें माहवारी के दिनों में इसे न करें. हर दिन किसी बुजुर्ग या भिखारी को भोजन अवश्य दें. आलोचना से बचें.

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मास शिवरात्रि के सरल उपाय ;-

02 FACTS;-

1-मास शिवरात्रि हर महीने आती है.मास शिवरात्रि सभी शिवगुरु को खुश करें.एक शिवरात्रि पर एक ही मंत्र का जाप करें.मंत्र जाप रात 8 बजे से 12 बजे के बीच करें. उससे पहले शिवरात्रि व्रत कथा पढ़ें. फिर शिव गुरु को साक्षी बनाकर जाप करें.मंत्र जाप कम से कम 2 घंटे करें.जाप पूरा होने पर शिव गुरु को गुरु दक्षिणा के रूप में राम राम सुनाये.

2-उसके बाद खुद की पूजा करें. ये बहुत जरूरी है. तभी लिया गया संकल्प आपको अपनाएगा. मन में बिना अहंकार के खुद को शिव मानें और 10 मिनट ''शिव ओहम'' का जाप करें.इस मंत्र के जाप के समय खुद को याचक की बजाय क्रिएटर समझें. मगर बिना अहंकार के...इसके बाद चमत्कारिक नतीजों का इंतजार करें.

07 POINTS;- 1.घर में सुख शांति के लिये रात शुरु होने पर शिव को साक्षी मानकर ''ऊं उमा सहित शिवाय नमः '' का जाप करें. 2.जो लोग आर्थिक परेशानी में हैं वे ''ऊं. शं शंकराय धनम् देहि देहि ऊं.''मंत्र का जाप करें. 3. जो बीमार है वे ''ऊं. ह्रौं जूं सः''मंत्र का जाप करें. 4.जिनके कारोबार नही चल रहे वे ''ऊं. नमो भगवते धनागमः'' का जाप करें. 5.जो विदेश नही जा पा रहे वे ''ऊं नमो भगवते नभोगति'' का जाप करें. 6.जो सिद्धियां अर्जित करना चाहते हैं वे ''ऊं. सिद्धेश्वराय नमः''का जाप करें. 7.जो प्रसिद्ध होना चाहते हैं वे ''ऊं. तुंगनाय नमः'' का जाप करें. ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;

क्या टोटका करना एक सटीक विज्ञान है?

04 FACTS;-

1-हजारों साल से दैनिक जीवन का हिस्सा बने टोने टोटके रूढ़िवादिता नहीं बल्कि हमारी एनर्जी को साफ व संतुलित करने का सटीक विज्ञान हैं. घरेलू होने के कारण इनका उपयोग सरल और खर्च न के बराबर होता है. यदि इन्हें तय मानकों के अनुसार अपनाया जाये तो नतीजे बहुत ही सकारात्क निकलते हैं.

2-गड़बड़ तब हुई जब ये विज्ञान के विषय से अंजान लोगों के हाथों में चले गये. उन्होंने टोटकों की विधियों में तोड़ मरोड़ करके उन्हें पाखंड की भेट चढ़ा दिया. और टोने टोटके बदनाम हो गये.ध्यान रखें टोटकों का उपयोग सिर्फ उर्जा शोधन के लिये करेंऔर करने की विधि में मिलावट न करें. तोड़ मरोड़ कर किये जाने वाले टोटके नुकसान भी करते हैं. ध्यान रखें टोटकों के उपाय करने के साथ अपने कामकाज पर फोकस बनाये रखें.

3-चौराहे पर टोटका करना एक सटीक विज्ञान है.चौराहा उसे कहते हैं जहां चार रास्ते आकर मिलते हैं. टोटका हमेशा चौराहे के बीचो बीच में किया जाना चाहिये.कई बार टोटकों के द्वारा चौराहे पर डाली गई उर्जाों को पाताल की तरफ जाने में कुछ वक्त लग जाता है. ऐसे में ताजे टोटके की वस्तुओं को लांघने या उन पर पैर रखने से उनकी नकारात्मक उर्जाएं लांघने वाले के साथ चली जाती हैं. और उनकी परेशानी का कारण बनती हैं.इसी कारण टोटकों की वस्तुओं को छूने, लांघने से मना किया जाता है.

4-जिस चैराहे पर टोटका किया हो, उस दिन उस चैराहे पर नही जाना चाहिए। और न ही वापस आते समय पीछे मुड़कर देखना चाहिये. वापस आते समय रास्ते में किसी से या मौबाइल पर बात न करें. इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। अन्यथा जो खराब उर्जाएं चौराहे पर फेंककर आए हैं उनके पुनः साथ आ जाने की आशंका रहती है. क्योंकि हर व्यक्ति के पास रह चुकी उर्जाएं उसे पहचानती हैं और सम्पर्क में आते ही दोबारा उसके साथ चल पड़ती हैं.वैज्ञानिक विवेचना के साथ कुछ लाभकारी टोटकों को बताया जा रहा हैं ताकि आप लाभ उठा सकें... 1. कर्ज से मुक्ति के लिए ;-

03 FACTS;- 1-कर्ज़ से परेशान व्यक्ति को चाहिए कि दोनों मुट्ठी में काली राई लें। किसी चौराहे पर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़ा हो जाये. फिर दाहिने हाथ की राई को बायीं और बायीं हाथ की राई को दाहिनी तरफ फेंक दें। एक साथ राई को फेंकना चाहिए। राई फेंकने के बाद चैराहे पर, सरसों का दोमुखी दीपक जला दें। दीपक मिट्टी का होना चाहिए।

2-यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार की शाम को करें। श्रद्धा द्वारा किया गया यह उपाय अवश्य कर्ज से मुक्ति दिलवाता है। एक बार सफलता न प्राप्त हो. तो इसे दोबारा फिर कर लेना चाहिए। यदि अमावस्या को शनिवार हो, तो विशेष फलदायी होता है। तब यह टोटका

जादुई असर दिखाता है.क्योंकि उस दिन अनाहत चक्र की उर्जाओं में भारी उतार चढ़ाव की स्थिति होती है. जो अस्थिरता पैदा करती है. टोटके से अस्थिरता पैदा करने वाली इस दूषित उर्जा का भी शमन हो जाता है. जिससे मन की बेचैनी दूर होती है.

3-इससे मूलाधार व आज्ञा चक्र पर जम रही हानिकारक स्मोकी उर्जाएं हट जाती हैं. इन चक्रों पर प्रायः स्मोकी उर्जा का जमाव ही कर्ज व आत्मबल की कमजोरी का कारण बनता है.

किसी भी चौराहे के केन्द्र में चारों रास्तों से आने वाली उर्जाओं की जबरदस्त टक्कर होती रहती है. टकराने के बाद ये उर्जाएं निम्नगामी होकर पाताल की तरफ चली जाती हैं. उन्हीं के साथ टोटका के जरिये निस्तारित की गई नकारात्मक उर्जाएं भी पाताल अग्नि में जाकर भस्म हो जाती हैं. इस तरह उनसे हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है.इसी कारण अक्सर टोटकों

के लिए चौराहों को चुना जाता है. ये अपनी उर्जाओं को साफ करने का एक सटीक विज्ञान है.

2. भूत बाधा व ऊपरी बाधाओं से छुटकारा ;-

02 FACTS;- 1-यदि ऊपरी बाधा की कोई परे्शानी किसी व्यक्ति को है तो उसके घर के लोग ये प्रयोग कर सकते है. जिस दिन हस्त नक्षत्र हो उस दिन ये टोटका करें तो अधिक लाभदायी होता है. ध्यान रखे कि उस दिन रिक्ता तिथि व भद्रा न हो. चौथ, नवमी व चौदस आदि रिक्ता तिथियां होती हैं. शास्त्रीय मान्यता है कि इन तिथियों में शुरु किए गए कार्य अक्सर अपूर्णता के शिकार हो जाते हैं.

2-उस दिन चंपा की जड़ खोद लें. जड़ निकालने से पहले चंपा के पेड़ से अनुरोध करें कि '' मै तांत्रिक उपयोग के लिए आपकी जड़ ले रहा हूं. आप मेरा सहयोग करें. आपका धन्यवाद.''

उस जड़ के साथ तुलसी, काली मिर्च रखकर व्यक्ति को गले में ताबीज या कपड़े मे बांध कर

पहना दें। उसे तत्काल सुरक्षा मिल जाएगी.

जासुन से मान सम्मान बढ़ायें…. 1. कामकाज की सफलता के लिए;-

02 FACTS;- 1-कभी भी किसी काम के लिए, या यात्रा पर जाते समय, एक नारियल लें। उसको हाथ में ले कर, 11 बार श्री हनुमते नमः कह कर, धरती पर मार कर तोड़ दें। उसके जल को अपने ऊपर छिड़क लें और गरी को निकाल कर बांट दें. तथा खुद भी खाएं, तो यात्रा सफल रहेगी तथा काम भी बन जाएगा।

2-इससे आभामंडल में फैली रुकावटों की एनर्जी टूट जाती है. साथ ही मूलाधार चक्र संचारित होकर आत्मबल को बढ़ाता है.

2. मान सम्मान बढ़ाने के लिये जामुन;-

02 FACTS;- 1-जामुन की टहनी को काट कर ताबीज में डाल कर लें. उसे गले में पहनने से मान-सम्मान बढ़ता है. यही नही इससे व्यक्तित्व मे सम्मोहन भी बढ़ता है. ध्यान रखें कि इस ताबीज को पहने रहने के दौरान किसी से बहस न करें.

2-जामुन की उर्जाएं हमारे सहस्रार एवं नाभि चक्रों को उपचारित करती हैं. आंशिक रुप से अनाहत चक्र पर भी सकारात्मक असर डालती हैं.इस प्रयोग से बाहरी आभामंडल

की दूसरी व अंतिम लेयर मजबूत हो जाती है. जिसके कारण बाहर से आने वाली नकारात्मक उर्जाओं का हमला रुक जाता है.

....SHIVOHAM...