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इंफिनिटी सिंबल(INFINITY SYMBOL( IN ENG ALSO) और इंफिनिटी वॉक का क्या महत्व है?


इंफिनिटी सिंबल;-

05 FACTS;- 1-गणित में अनन्त को एक संख्या के रूप में माना जाता है और इसे ∞ के रूप में दर्शाया जाता है। यह एक अंतहीन और असीम अवधारणा है, जो किसी ऐसी संख्या या अवधारणा को प्रस्तुत करता है,जो सभी से बड़ा हैl कभी-कभी इसे लेमनीसकेट के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि इसके किनारे संख्या 8 के आकार की तरह होते हैं।अनन्त (∞) का प्रतीक बिना चिन्ह

वाले एक अनन्त सीमा को दर्शाता हैlजैसे प्राचीन संस्कृतियों में अनन्त (∞) के बारे में विभिन्न सिद्धांत मौजूद थेl लेकिन उन्होंने इसे गणित के प्रतीक के रूप में वर्णित नहीं किया है, बल्कि इसे एक दार्शनिक अवधारणा के रूप में प्रस्तुत किया हैl

2-कई स्रोतों के अनुसार, पूर्णता और द्वैतवाद का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्राचीन काल में भारत और तिब्बत में इसका इस्तेमाल किया जाता था। इसे शिव- शक्ति /इड़ा- पिंगला/पुरूष -महिला की एकता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता हैl ओरेबोरोस ( ancient Egyptian symbol of a snake eating its own tail, ... the Ouroboros symbol,) के प्राचीन प्रतीक में एक अजगर अनन्त (∞) के आकार में अपनी पूंछ खा रहा है।

3-वास्तव में ऑबोबोरोस ही अनन्त का प्रतीक है और इसे 8 के आकार में बनाया गया है।लेकिन उन्होंने कभी नहीं बताया कि उन्होंने क्यों 8 को अनन्त के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया l वास्तव में इससे मिलते जुलते प्रतीक का इस्तेमाल रोमन लोगों द्वारा बड़ी संख्या को व्यक्त करने के लिए किया जाता थाlयहां तक कि जादुई खेल “टैरो” में यह विपरीत ताकतों के बीच संतुलन का प्रतीक हैl

4-भारतीयों को अनन्त की संकल्पना वैदिक काल से ही थी।ईशावास्योपनिषद में वर्णित एक कविता भी अनन्त (∞) की अवधारणा को बताती है, जिसे भूमा का सिद्धांत कहते हैंlइस कथन का सार यह है कि अनन्त अपरिवर्तनीय है और इस मंत्र को कहने का प्रतीकात्मक तरीका यह है कि अनन्त से कुछ भी नहीं निकलता हैl वे अनन्त के मूलभूत गुणों के परिचित थे तथा इसके लिये कई शब्दों का प्रयोग किया गया है, यथा - अनन्त, पूर्णं , अदिति, असंख्यत आदि।ईशोपनिषद में कहा गया है

ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।

पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः॥

5-अथार्त...ॐ वह (परब्रह्म) पूर्ण है और यह (कार्यब्रह्म) भी पूर्ण है; क्योंकि पूर्ण से पूर्ण की ही उत्पत्ति होती है। तथा प्रलयकाल मे पूर्ण [कार्यब्रह्म]- का पूर्णत्व लेकर (अपने मे लीन करके) पूर्ण [परब्रह्म] ही बच रहता है। त्रिविध

ताप की शांति हो।वास्तव में, अनन्त से अनन्त घटाने पर भी अनन्त ही शेष रहता है।

इंफिनिटी वॉक(8 के आकार में चलने) का क्या महत्व है?-

03 FACTS;-

1-इंफिनिटी वॉक चलने की एक ख़ास तरीके की पद्धति है| इसको करने के लिए आप दिए गए चित्र की भाँति आठ के आकार में चलते हैं |अंग्रेजी के आठ के आकार में चलना एक लाभदायक व्यायाम है | इसको इंफिनिटी वॉक भी कहा जाता है।

2-सबसे पहले एक जगह निर्धारित कर लीजिये जहाँ पर आप आठ का आकार चित्र में दिए हुए माप के आधार पर बना सकते हैं |सुबह या

शाम को 5-6 बजे के आसपास इस क्रिया को खाली पेट और नंगे पैर करना लाभदायक होगा |

3-पहले आप लगभग 15 मिनट्स दक्षिण से उत्तर की तरफ क्लॉक वाइज चलें | उसके बाद उसी दिशा में क्लॉक वाइज चलें |चलते समय मोबाइल

का इस्तेमाल न करें और किसी से बात भी न करें | चलने के दौरान हर शारीरिक अनुभव को महसूस करते हुए साँसों पर ध्यान लगाकर चलते

रहें |अच्छा अभ्यास और आदत हो जाने के बाद आप अपने चलने का समय बढ़ा भी सकते हैं |

लाभ :

06 FACTS;-

1-जब आप दक्षिण-उत्तर दिशा में चलते हैं तब पृथ्वी के चुम्बकीय बल की दिशा और विपरीत दिशा में चलते हैं | जिसकी वजह से आपका शरीर ऊर्जायुक्त होता है और यह चक्रों और आतंरिक अंगो को भी सुचारु रूप से काम करने में मदद करता है |

2-चूंकि अंग्रेजी आठ आकार में चलने से आपके पैर, कंधे आदि लगभग शरीर का प्रत्येक भाग एक तुड़ी मुड़ी गति में चलता है, इसलिए यह आपके सम्पूर्ण शरीर के लिए व्यायाम का काम करता है |

3-नंगे पैर चलने से आपके पैरों के तलवों का संपर्क भूमि से होता है जिसकी वजह तलवों में मौजूद सभी एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर दबाव पड़ता है जिसका सीधा लाभ आपके स्वास्थ्य पर होता है |

4-निरंतर अभ्यास करने से आपका पाचन दुरुस्त होता है, रक्त चाप संतुलित होता है, मधुमेह की बीमारी में लाभ होता है, घुटनो के दर्द और

गठिया रोग में भी आराम मिलता है|जो लोग बाहर टहलने के लिए नहीं जा सकते हैं उनके लिए ये बहुत ही अच्छा विकल्प है|

5-आठ के आकार में चलना संतुलन की कमी वजह से शुरू शुरू में कठिन होता है लेकिन अभ्यास करते करते आप शारीरिक संतुलन बनाना सीख जाते हैं | इस से आपका आँखों और हाथों का

समन्वय(coordination)अच्छा होता है|आप शारीरिक प्रभावों और

बदलावों के प्रति और सजग हो जाते हैं |

6-यह एक से अधिक इन्द्रियों का आपस में समन्यव(multisensory

integration) बढ़ाता है |यह दिमाग के निर्णय लेने की क्षमता में ,एकाग्रता में ..बढ़ोत्तरी करता है ;इसलिये बच्चो के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है |

FIGURE 8 WALKING;-

07 FACTS;-

1-Among the walking exercise best walking exercise is “8 shape walk method”. It is supreme of all. This is one of the best methods which give miraculous benefits as suggested by the Yogis and Siddhars. It should be practiced daily for 15-30 minutes. Driving in the 8 shape line by vehicle we get license. But if we walk in the 8 shape line we will maintain good health.

2-"Figure Eight Walking" Improves communication between the two hemispheres of one's brain as well as both sides of his/her body. A person must walk on while keeping his/her eyes on an object or person and his/her head turned at a 90-degree angle.

3-It seems simple, but this activity actually is great at increasing communication between the two sides of the brain. It also enhances coordination by building muscle memory via

trunk rotation.Walking along this pattern stimulates the simultaneous management of one's senses: movement, sight, hearing, thinking, speaking.

4-Walking is a great way of maintaining health in adults… but also great for children. Encouraging children to walk from the earliest age promotes healthy growth whilst also introducing challenges so they learn to anticipate success.

5-Draw a parallel line from east to west or west to east in the north side and leave ten feet gap and draw 8 shape line; now practice “8” shaped walking.Walk North to south and South to North clockwise and anticlockwise fifteen minutes each.

6-During this walk we will necessarily concentrate in walking in the 8 shape line. Possibility of chatting with friends in person or in mobile like in normal walking is avoided. Proper and normal breathing is possible.

7-We should walk in bare foot without shoes/chapel ) all our internal organs are activated and we get relief from concerned diseases.In our hand palm and leg palm all reflex points of our entire internal organs are located.

BENEFITS;-

03 FACTS;-

1--It has been used by U.S. physical and occupational therapists in the rehabilitation of persons with brain injuries.At the end of thirty minutes of 8 walking stuffy nose is cleared and feel free breathing from both the nostrils.Headache,

Digestive Problems, Thyroid, Obesity, and Knee pains, Rheumatoid Arthritis, and constipation is reversed.

It reduces the sugar level in the blood and reverses your diabetes and its complication within a year of regular 8 walking twice daily for half an hour.

2-Improves eye sight. Due to concentration in the 8 shaped line, short sightedness and other eye related problems are

improved /curtailed.Hearing power is improved. Gentle walking reduces the blood pressure.Practicing this for

half an hour twice a day cures foot cracks, all types’ pain and knee pain.

3-Happily practice “8” shape walk” and enjoy good health without any disease.Practicing this exercise regularly, brings back youth to us, And a person of seventy years old may feel that he is young like his grand children.

...SHIVOHAM...

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