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महेंद्रगिरि....इस पर्वत पर तपस्या में लीन है परशुराम, आज भी लोगों को आते हैं नज़र


07 FACTS;- 1-महेंद्रगिरि पर्वत उड़ीसा के गजपति जिले के परालाखेमुंडी में मौजूद है। यह पर्वत की चोटी धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रामायण, महाभारत और पुराणों के साथ जुड़ी हुई है।ओडिशा के प्रमुख आकर्षणों में एक है- महेंद्रगिरि।समुद्र की सतह से 5000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है यह जगह। यहां से आसपास के मनोरम और हैरतअंगेज कर देने वाले नजारे दिखते हैं। 2-महेंद्रगिरि पर्वत भगवान परशुराम की तप की जगह थी।और अंतत: वह उसी पर्वत पर तपस्या के लिए चले गए थे। पौराणिक कथाओं में अश्वत्थामा, हनुमान और विभीषण की तरह परशुराम को भी चिरजीवी बताया गया है। 3-महेंद्रगिरि ने इस क्षेत्र के समृद्ध धार्मिक और पौराणिक इतिहास के अवशेष भी संजोकर रखे हैं। राधानाथ रे और कालिदास जैसे महान कवियों ने महेंद्रगिरि पर्वत की ऊंची चोटियों की खूबसूरती पर कई कविताओं की रचना की है। 4-महेंद्रगिरि एक प्राचीन स्थल है, जो इस खूबसूरत जगह के पुरातत्विक अवशेषों को प्रदर्शित करने का दावा करता है। शहरों की अस्त-व्यस्त भीड़-भाड़ से दूर महेंद्रगिरी पर्वत पर्यटकों को रोजमर्रा के सांसारिक जीवन के तनावों से मुक्त करता है। 5- महेंद्रगिरि पर्वत पर महाभारत काल के कई मंदिर मौजूद हैं, ऐसा कहा जाता है कि ये मंदिर पांडवों ने बनवाए थे।यहां भीम, कुंती, युधिष्टिर के अलावा दारु ब्रम्हा का मंदिर देखने को मिलेंगे। 6- पूर्वी घाट पर 4,925 ft की ऊंचाई पर होने के कारण यहां से समंदर, नदियां और हरे-भरे पहाड़ आपको दिखाई देते हैं। महाशिवरात्रि पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस चोटी पर पहुंचने के लिए आपको लम्बा ट्रैक तय करना पड़ता है। यहां आप तीन रूट से पहुंच सकते हैं। 7- महेंद्रगिरि पर्वत तक ब्रम्हपुर से तीन रूट तक पहुंचा जा सकता है। पहला रूट परालाखेमुंडी से है, जो ब्रह्मपुर वाया इच्छापुर और पलासा होते हुए जाता है।जबकि दूसरा रूट ब्रह्मपुर से परालाखेमुंडी के लिए दिगापनंदी- आर उदयगिरी और रायागढ़ तक होते हुए जाता है। तीसरा रूट ब्रह्मपुर वाया इच्छापुर, जरादा, कैपुर होते हुए परालाखेमुंडी तक जाता है। कैसे पहुंचे महेंद्रगिरि महेंद्रगिरि पर्वत तक जाने के लिए आपको परालाखेमुंडी तक जाना होगा, जो ब्रम्हपुर से 120 किमी की दूरी पर है। परालाखेमुंडी से कैनपुर तक आप बस ले सकते हैं, जो 46 किमी दूर है। कैनपुर से आपको महेंद्रगिरी के लिए जीप मिलेगी, जो आपको पर्वत की चोटी तक ले जाएगी।