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पूजा -पाठ के समय सुरक्षा चक्र बनाने की विधि :-


पूजा -पाठ के समय भय की अनुभूति : –

धरम शास्त्रों के अनुसार सभी पूजा -पाठ शुभ फल देने वाले होते है | देवों का आशीर्वाद पाने के साथ – साथ विशेष कार्य की सिद्धि के लिए भक्तों द्वारा समय -समय पर पूजा -पाठ का आयोजन किया जाता है | जब कभी व्यक्ति किसी (बाहरी पीड़ा व बाधा )नकारात्मक शक्ति की गिरफ्त में आ जाता है तो ऐसे में विशेष पूजा -पाठ का आयोजन कर अपने कष्टों का निवारण करता है | इस प्रकार की विशेष पूजा -पाठ में पूजा के समय नकारात्मक शक्ति किसी भी समय अपना प्रभाव दिखा सकती है | इसलिए इस प्रकार की पूजा से पहले सुरक्षा चक्र बनाना अति अनिवार्य हो जाता है |

पूजा -पाठ के समय सुरक्षा चक्र बनाने की विधि :-

मंत्र सिद्ध करते समय या पूजा -पाठ से समय सुरक्षा चक्र बनाने के लिए पूजा पर बैठने से पहले एक पताशे में छोटा सा छेद करके उसमें पूजा में प्रयोग होने वाला सिन्दूर डाल ले | अब इस पताशे को अपने आसन के नीचे रख दे | और फिर आसन पर बैठ जाये , आपके बैठने से पताशा टूट जायेगा, यह ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है | आसन पर बैठने के पश्चात् हाथ में थोडा जल लेकर अपने चारों तरफ घुमा कर डाल दे | अब आप पूजा शुरू कर सकते है | किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्ति अब आपको परेशान नहीं करेगी |

पूजा से उठने के पश्चात् इस टूटे हुए पताशे और सिन्दूर को एक गिलास पानी में डालकर घर से बाहर डाल दे | मंत्र सिद्धि और पूजा -पाठ में भय की अनुभूति होने पर इस सुरक्षा चक्र का प्रयोग साधक को अवश्य करना चाहिए | मंत्र सिद्धि और विशेष पूजा -पाठ को किसी अनुभवी गुरु की देख -रेख में करना अधिक उचित होता है