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भोजन के एल्कलाइन होने का अर्थ और फायदे


शरीर का प्राकृतिक स्वाभाव एल्कलाइन है, हमने अपनी लाइफ स्टाइल से इसके स्वाभाव को बदल दिया जिस कारण से हमारे शरीर के सभी अंग हमारी त्वचा सहित शरीर का हर हिस्सा समय से पहले ही ख़त्म हो रहा है. जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज छोटी छोटी आयु में हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अत्यधिक वजन, किडनी फेलियर, स्ट्रोक, कैंसर इत्यादि भयंकर रोग से ग्रसित हमारे युवा और 40 वर्ष की आयु के अधेड़ जो कभी 60 साल से पहले अपने को बूढा महसूस नहीं करते थे वो आज 60 साल से पहले ही वो दुनिया को अलविदा कह कर चले जाते हैं.। इसका मूल कारण ही अगर हम सही कर दें तो हम सहज ही कई बिमारियों से बच कर एक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं. । तो आइये आज आपको बताते हैं एल्कलाइन डाइट चार्ट क्या है और क्या है इसके फायदे.। .

शरीर के लिए लाभदायक और हानिकारक खाद्यपदार्थो के मध्य विभाजन रेखा बनाने के लिए उनका क्षारीय (एल्कलाइन) अथवा अम्लीय (एसिडिक) होना आधार बन सकता है.। मानव रक्त थोडा क्षारीय (एल्कलाइन) होने के कारण स्वास्थ्य के लिए क्षारीय (एल्कलाइन) वातावरण अधिक उपयुक्त माना जाता है.। What Is PH level पीएच लेवल क्या है ? -------------------------- शरीर में क्षारीय और अम्लीय तत्वों की केमिस्ट्री का संतुलन बनाये रखने के लिए PH की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.। 7 से कम PH अम्लीय और 7 से ज्यादा PH क्षारीय कहलाता है.। सामान्यत: मानव रक्त की PH 7.35 से 7.45 के बीच में होती है.।असामान्य PH शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा प्रभाव डालती है.जो कई रोगों को जन्म देती है ।.ऐसी अवधारणा है की क्षारीय भोजन रक्त के PH को प्रभावित कर कैंसर सहित तमाम रोगों से बचाव एव इलाज में सहायक होते है ।

आखिर क्या है एल्कलाइन डाइट -------------------------------------------

1931 में नोबेल प्राइज विजेता "" डॉ ओट्टो वार्बर्ग "" ने बताया था की कोई भी बीमारी यहा तक की कैंसर भी एल्कलाइन वातावरण में जीवित नही रह सकता है । इस प्रकार एल्कलाइन डाइट से कई बीमारियों यह तक की कैंसर से भी बचा जा सकता है.। क्षारीय भोजन;- ** हरी पत्तेदार सब्जिया – पालक, अजवायन, कैल, सलाद पता ,जड़ वाली साग-भाजी जैसे गाजर, चकुंदर, शकरकंद एव अन्य सब्जिया जैसे बंद गोभी, ब्रोकोली, कद्दू, शिमला मिर्च, बीन्स, खीरा, प्याज, लहसुन, अदरक, मशरूम.

सिट्रस फल – नीम्बू, संतरा, मौसमी और अन्य मौसमी फल जैसे सेब,नाशपाती,तरबूज,अनानास, कीवी,खुबानी नट्स -बादाम, खजूर, किशमिस,अंजीर

रिवर्स ओसमोसिस फ़िल्टर सिस्टम RO से प्राप्त जल अम्लीय होता है, और बोतलबंद पानी से भी परहेज करना चाहिए, नल के पानी को उबालकर ठंडा कर लें और इसको घड़े में डालकर पीना चाहिए. घड़े का पानी एल्कलाइन का बेहतर स्त्रोत है. पानी में नीम्बू अथवा बेकिंग सोडा मिलाने से भी क्षारीय प्रभाव बढ़ता है. हर्बल चाय, ग्रीन tea, समुंदरी नमक. इन बातों का ध्यान रखें;-

आहार में क्षारीय भोजन (फल और सब्जिया) 80% और अम्लीय भोजन (अनाज और प्रोटीन ) 20 % होना आदर्श माना जाता है । मतलब सब्जी खूब खायें । 1-प्रातः काल क्षारीय पेय सेब का सिरका डालकर ले 2- भोजन अच्छी तरह चबाकर खाए 3- पकाने पर क्षारीय खनिज नष्ट हो जाते है इसलिए बिना पकाए ही अथवा भाप द्वारा कम पकाई सब्जिया ही उपयोग में लें । 4-पानी खूब पिए । इन एसिडिक भोजन से बचें;- डिब्बाबंद खाध पदार्थ , कोर्न्फ्लाकेस.ओट्स, साबुत अनाज के उत्पाद, refind सुगर,चॉकलेट ,काफी, चाय, अल्कोहल,पास्ता, ब्रेड, चावल, कोक

मीट,अंडा, दूध और डेयरी उत्पाद

* दाले, मूंगफली, पिस्ता, काजू

* सिंथेटिक मिठासयुक्त उत्पाद

*** दवाईयों का अधिक प्रयोग जैसे एस्प्रिन और एंटीबायोटिक

एल्कलाइन डाइट के फायदे

# एल्कलाइन हड्डियों के विकास के लिए ज़रूरी होता है.

# Muscular body बनाने के लिए एल्कलाइन डाइट की बहुत ज़रूरत होती है.

# एल्कलाइन डाइट एंटी एजिंग में बहुत लाभदायी है.

# आर्थराइटिस और जोड़ों सम्बंधित सभी समस्याओं में एल्कलाइन डाइट बहुत उपयोगी है.

# हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाती है एल्कलाइन डाइट.

# रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है एल्कलाइन डाइट.

# कैंसर से लड़ने में बहुत सहायक है.

# किडनी के रोगों से लड़ने में एल्कलाइन डाइट चार्ट बहुत ही लाभदायक है.

# किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन को पनपने से रोकती है.

# बॉडी वेट को मेन्टेन रखने में बहुत सहायक है एल्कलाइन डाइट.

# विटामिन का अवशोषण आसानी से होता है और पोटैशियम की कमी को दूर करती है एल्कलाइन डाइट.

# पूरे पाचन तंत्र को सही करने में ये बेहद सहायक है. Ph स्तर को बैलेंस करती है एल्कलाइन डाइट पीएच स्तर को सामान्य रखने के लिए एल्कलाइन डाइट लेना जरूरी है क्योंकि इसका काम बॉडी के Ph स्तर को संतुलित रखना होता है। हमारा शरीर अम्लीय हो जाने पर बीमारियों का घर बन जाता है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं कोशिकाओं को सुचारू रूप से काम करने के योग्य बनने के लिए शरीर को डीटॉक्स करना बेहद जरूरी होता है और एल्कलाइन डाइट ऐसा करने में कारगर होती है। इसके अलावा एल्कलाइन डाइट एंटी-एजिंग की प्रॉब्लम को दूर करने के साथ पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाती है।

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तनाव से भी दूर रखती है एल्कलाइन फूड दिनों-दिन बढ़ते तनाव, स्ट्रेस, प्रदूषण, बीमारी आदि के कारण शरीर तमाम तरह के बदलावों से होकर गुजरता है। ऐसे में आपको अपने खानपान में कुछ एल्कलाइन फूड्स शामिल करना चाहिए, ताकि इम्यून सिस्टम और शरीर का Ph बैलेंस ठीक रहें और आप इन बीमारियों से बच सकें।

वजन घटाने में भी है मददगार यह डाइट ये एक ऐसी डाइट है जो कैंसर व अर्थराइटिस के खतरे को कम करने के साथ वजन घटाने में भी मदद करती है। दरअसल, एल्कलाइन डाइट बॉडी को क्लींज कर बीमारियों का खतरा कम करती है।

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डाइट में शामिल करें एल्कलाइन फूड्स कंद-मूल एल्कलाइन डाइट में मूली (सफेद, लाल और काली), चुकंदर, गाजर, शलजम और सहिजन आदि का सेवन करें। महज 15-20 मिनट तक भाप में पकाने के बाद ही ये आहार खाएं। इससे दिनभर पेट भी भरा रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा भी मिलती है। साथ ही इनका सेवन करने से वजन भी कंट्रोल में रहता है।

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ब्रोकली ब्रोकली, गोभी, बंद गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और इस प्रकार की अन्‍य सब्जियां का सेवन भी शरीर में Ph लेवल को बैलेंस रखता है। साथ ही इनका सेवन करने से हार्ट डिसीज व कैंसर का खतरा भी कम होता है।

हरी पत्‍तेदार सब्जियां इसमें गोभी, शलजम का साग, पालक आदि सब्जियां शामिल होती हैं। इनमें से पालक सबसे अधिक सेहतमंद सब्‍जी होती है। इन सब्जियों में विटामिन के और फोलेट की मात्रा काफी अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्‍त रखने के साथ Ph लेवल को भी बैलेंस करते हैं। साथ ही इससे लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास होता है, जिससे वजन को काबू में रखने में भी मदद मिलती है।

लहसुन जब बात सेहतमंद आहार की होती है तो लहसुन का नाम सबसे पहले आता है। दिल के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ इससे खराब इम्यून सिस्टम, हाई ब्लड प्रैशर और लिवर की समस्याएं भी दूर रहती है।

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शिमला मिर्च शिमला मिर्च सबसे अधिक क्षारीय आहार में शामिल है। इसमें मौजूद एंजाइम्‍स और एंटीबैक्‍टीरियल गुण शरीर की हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, यह तनाव व डिप्रैशन जैसी बीमारियों से लड़ने में भी काफी मदद करता है।

नींबू यह कुदरती कीटाणुनाशक है, जो आपके जख्‍मों को भरने का काम करता है। इतना ही नहीं, नींबू खांसी, कोल्‍ड, फ्लू और सीने में जलन से भी राहत दिलाता है। यह लिवर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

ओरेगेनो ओरेगेनो में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जोकि कई तरह की बीमारियों से रक्षा करते हैं। यह व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। साथ ही क्षारीय होने के कारण इससे Ph स्तर भी संतुलित रहता है। साथ ही इसका नियमित सेवन युरिनेरी ट्रैक्ट प्रॉब्लम, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को भी कम करता है। ;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;; क्षारीय आहार जो दें सेहत और ऊर्जा का उपहार Quick Bites रक्‍त में पीएच स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच रहना चाहिए। अम्‍लीय भोजन के अधिक सेवन से होती है थकान और सुस्‍ती। क्षारीय भोजन स्‍फूर्ति देता है और साथ ही रखता है रखता है तृप्‍त। अपने आहार में सही खाद्य पदार्थों को शामिल कर रह सकते हैं सेहतमंद। क्षारीय (एल्‍काइन) फूड का सेवन बहुत जरूरी है। हमारे रक्‍त में पीएच स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच रहना चाहिए, जो हल्‍का सा क्षारीय है। हमारे शरीर को इस छोटे से अंतर को बनाये रखने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। और हमारा आहार जितना अधिक अम्‍लीय होता जाता है, हमारे शरीर के लिए मुश्किलें उतनी ही बढ़ती जाती हैं। नतीजतन, हमें थकान का अनुभव अधिक होने लगता है और साथ ही हमारा इम्‍यून सिस्‍टम भी कमजोर होने लगता है। इससे हमें बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

एल्‍काइन डायट पीएच स्‍तर को बनाये रखने में मदद करती है ब्‍लड पीएच स्‍तर से यह पता चलता है कि हमारा आहार कितना क्षारीय अथवा अम्‍लीय है। इस लिहाज से देखा जाए, तो हमारे पेट में मौजूद एसिड का स्‍तर शून्‍य (अधिकतर अम्‍लीय) और ब्‍लीच 14 के करीब (अधिकतर क्षारीय) होता है। शुद्ध पानी इसके ठीक बीच में फिट होता है। उसका पीएच स्‍तर सात होता है।

हमारे शरीर को सही प्रकार से काम करने, थकान को दूर रखने और ऊर्जावान बने रहने के लिए पानी से कुछ अधिक एल्‍कालाइन की जरूरत होती है। यह स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच होता है। हम अपने पीएच स्‍तर को इस बीच में रख सकते हैं, बशर्ते हमारे आहार में क्षारीय भोजन अधिक हो तथा अम्‍लीय भोजन कम।

एल्‍कालाइन आहार क्‍या होता है यदि आप भोजन से पहले ही इस बात का खयाल रखें कि आपका भोजन कितना क्षारीय अथवा अम्‍लीय है, तो इसका आपकी सेहत पर सकारात्‍मक असर पड़ेगा। इसके साथ ही आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे। आप चाहें तो अपने फ्रिज पर एक चार्ट चिपका सकते हैं, जिसमें यह लिखा हो कि आपको कौन सा भोजन करना चाहिए।

आइये जानने की कोशिश करते हैं कि किस प्रकार का एल्‍काइन आहार आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है। साथ ही यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि किस भोजन में एल्कालाइन की मात्रा अधिक होती है।

1. कंद-मूल जमीन के नीचे होने वाली इन सब्जियों में अन्‍य सब्जियों के मुकाबले अधिक मात्रा में मिनरल होते हैं। यह बात भी सही है कि आप उन सब्जियों का सेवन नहीं कर सकते। लेकिन, फिर भी आपको मूली (सफेद, लाल और काली), चुकंदर, गाजर, शलजम और सहिजन आदि का सेवन करें। महज 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाने के बाद ये आहार खाने के लिए हो जाते हैं तैयार। ये सब्जियां आपको तृप्‍त रखती हैं। इससे आपको पर्याप्‍त ऊर्जा तो मिलती ही है, साथ ही आपको वजन कम करने में भी आसानी होती है।

2. गोभी गोभी को सलीबधारी सब्जियों में रखा जाता है। इस प्र‍जाति की सब्जियां खाने में स्‍वादिष्‍ट और पौष्टिक होती हैं। घर पर बनाये सॉस का का मेल इनके स्‍वाद को और बढ़ा देता है। ब्रोकली, गोभी, बंद गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और इस प्रकार की अन्‍य सब्जियां आपके पीएच बैलेंस को भी सही रखेंगी व साथ ही आपकी सेहत का भी पूरा खयाल रखेंगी।

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3. हरी पत्‍तेदार सब्जियां इसमें गोभी, शलजम का साग, पालक आदि सब्जियां शामिल होती हैं। इनमें से पालक सबसे अधिक सेहतमंद सब्‍जी होती है। इन सब्जियों में विटामिन के और फोलेट की मात्रा काफी अधिक होती है। पालक में इनके साथ ही विटामिन, मिनरल, फिटोकेमिकल्‍स और एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं। ये पोषक तत्‍व आपको सेहतमंद और ऊर्जावान बनाये रख सकते हैं। पालक के पौष्टिक गुणों की लिस्‍ट यहीं खत्‍म नहीं होती। इसमें फाइबर भी होता है जो आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्‍त रखता है। और साथ ही आपको लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास कराता है। यानी वजन को भी काबू में रखने में मदद मिलती है। पालक का सेवन आपकी आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है।

4 लहसुन यह एक चमत्‍कारी आहार है। जब बात सेहतमंद आहार की होती है, तो लहसुन का नाम सबसे ऊपर आता है। दिल के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करता है। यह रक्‍तचाप को नियंत्रित करता है, लिवर को साफ रखने में मदद करता है और अन्‍य कई बीमारियों से लड़कर शरीर को रोगमुक्‍त रखता है।

5. शिमला मिर्च शिमला मिर्च में मौजूद एंजाइम्‍स अंत:स्रावी क्रिया को सही प्रकार से काम करने में मदद करते हैं। यह सबसे अधिक क्षारीय आहार में शामिल है। इसे अपने एंटीबैक्‍टीरियल गुणों के कारण जाना जाता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए की उच्‍च मात्रा होती है, जो इसे हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करती है। इतना ही नहीं यह तनाव और बीमारियों से लड़ने में भी काफी मदद करता है।

6. नींबू नींबू सबसे अधिक क्षारीय भोजन है। यह कुदरती कीटाणुनाशक है जो आपके जख्‍मों को भरने का काम करता है। इतना ही नहीं खांसी, कोल्‍ड, फ्लू और सीने में जलन से भी राहत दिलाती है। यह लिवर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।

तो, अपने आहार के बारे में विचार करने से आपको जरूर नफा होता है और ऐसा न करना आपको परेशानी में जरूर डाल सकता है। अच्‍छी सेहत और जोश के लिए पुरानी कहावतों 'सब्‍जी खायें सेहत बनायें' पर यकीन रखें।

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शरीर का प्राकृतिक स्वाभाव एल्कलाइन है, हमने अपनी लाइफ स्टाइल से इसके स्वाभाव को बदल दिया जिस कारण से हमारे शर के सभी अंग हमारी त्वचा सहित शरीर का हर हिस्सा समय से पहले ही ख़त्म हो रहा है. जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज छोटी छोटी आयु में हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, अत्यधिक वजन, किडनी फेलियर, स्ट्रोक, कैंसर इत्यादि भयंकर रोग से ग्रसित हमारे युवा और 40 वर्ष की आयु के अधेड़ जो कभीरी 60 साल से पहले अपने को बूढा महसूस नहीं करते थे वो आज 60 साल से पहले ही वो दुनिया को अलविदा कह कर चले जाते हैं.। इसका मूल कारण ही अगर हम सही कर दें तो हम सहज ही कई बिमारियों से बच कर एक स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं. । तो आइये आज आपको बताते हैं एल्कलाइन डाइट चार्ट क्या है और क्या है इसके फायदे.। .शरीर के लिए लाभदायक और हानिकारक खाद्यपदार्थो के मध्य विभाजन रेखा बनाने के लिए उनका क्षारीय (एल्कलाइन) अथवा अम्लीय (एसिडिक) होना आधार बन सकता है.। मानव रक्त थोडा क्षारीय (एल्कलाइन) होने के कारण स्वास्थ्य के लिए क्षारीय (एल्कलाइन) वातावरण अधिक उपयुक्त माना जाता है.।What Is PH level पीएच लेवल क्या है ?--------------------------शरीर में क्षारीय और अम्लीय तत्वों की केमिस्ट्री का संतुलन बनाये रखने के लिए PH की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.। 7 से कम PH अम्लीय और 7 से ज्यादा PH क्षारीय कहलाता है.। सामान्यत: मानव रक्त की PH 7.35 से 7.45 के बीच में होती है.।असामान्य PH शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा प्रभाव डालती है.जो कई रोगों को जन्म देती है ।.ऐसी अवधारणा है की क्षारीय भोजन रक्त के PH को प्रभावित कर कैंसर सहित तमाम रोगों से बचाव एव इलाज में सहायक होते है ।आखिर क्या है एल्कलाइन डाइट-------------------------------------------1931 में नोबेल प्राइज विजेता "" डॉ ओट्टो वार्बर्ग "" ने बताया था की कोई भी बीमारी यहा तक की कैंसर भी एल्कलाइन वातावरण में जीवित नही रह सकता है । इस प्रकार एल्कलाइन डाइट से कई बीमारियों यह तक की कैंसर से भी बचा जा सकता है.।क्षारीय भोजन;-** हरी पत्तेदार सब्जिया – पालक, अजवायन, कैल, सलाद पता ,जड़ वाली साग-भाजी जैसे गाजर, चकुंदर, शकरकंद एव अन्य सब्जिया जैसे बंद गोभी, ब्रोकोली, कद्दू, शिमला मिर्च, बीन्स, खीरा, प्याज, लहसुन, अदरक, मशरूम.सिट्रस फल – नीम्बू, संतरा, मौसमी और अन्य मौसमी फल जैसे सेब,नाशपाती,तरबूज,अनानास, कीवी,खुबानीनट्स -बादाम, खजूर, किशमिस,अंजीररिवर्स ओसमोसिस फ़िल्टर सिस्टम RO से प्राप्त जल अम्लीय होता है, और बोतलबंद पानी से भी परहेज करना चाहिए, नल के पानी को उबालकर ठंडा कर लें और इसको घड़े में डालकर पीना चाहिए. घड़े का पानी एल्कलाइन का बेहतर स्त्रोत है.पानी में नीम्बू अथवा बेकिंग सोडा मिलाने से भी क्षारीय प्रभाव बढ़ता है.हर्बल चाय, ग्रीन tea, समुंदरी नमक.इन बातों का ध्यान रखें;-आहार में क्षारीय भोजन (फल और सब्जिया) 80% और अम्लीय भोजन (अनाज और प्रोटीन ) 20 % होना आदर्श माना जाता है । मतलब सब्जी खूब खायें । 1-प्रातः काल क्षारीय पेय सेब का सिरका डालकर ले2- भोजन अच्छी तरह चबाकर खाए3- पकाने पर क्षारीय खनिज नष्ट हो जाते है इसलिए बिना पकाए ही अथवा भाप द्वारा कम पकाई सब्जिया ही उपयोग में लें ।4-पानी खूब पिए ।इन एसिडिक भोजन से बचें;- डिब्बाबंद खाध पदार्थ , कोर्न्फ्लाकेस.ओट्स, साबुत अनाज के उत्पाद, refind सुगर,चॉकलेट ,काफी, चाय, अल्कोहल,पास्ता, ब्रेड, चावल, कोकमीट,अंडा, दूध और डेयरी उत्पाद* दाले, मूंगफली, पिस्ता, काजू* सिंथेटिक मिठासयुक्त उत्पाद*** दवाईयों का अधिक प्रयोग जैसे एस्प्रिन और एंटीबायोटिकएल्कलाइन डाइट के फायदे# एल्कलाइन हड्डियों के विकास के लिए ज़रूरी होता है.# Muscular body बनाने के लिए एल्कलाइन डाइट की बहुत ज़रूरत होती है.# एल्कलाइन डाइट एंटी एजिंग में बहुत लाभदायी है.# आर्थराइटिस और जोड़ों सम्बंधित सभी समस्याओं में एल्कलाइन डाइट बहुत उपयोगी है.# हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचाती है एल्कलाइन डाइट.# रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है एल्कलाइन डाइट.# कैंसर से लड़ने में बहुत सहायक है.# किडनी के रोगों से लड़ने में एल्कलाइन डाइट चार्ट बहुत ही लाभदायक है.# किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन को पनपने से रोकती है.# बॉडी वेट को मेन्टेन रखने में बहुत सहायक है एल्कलाइन डाइट.# विटामिन का अवशोषण आसानी से होता है और पोटैशियम की कमी को दूर करती है एल्कलाइन डाइट.# पूरे पाचन तंत्र को सही करने में ये बेहद सहायक है.Ph स्तर को बैलेंस करती है एल्कलाइन डाइटपीएच स्तर को सामान्य रखने के लिए एल्कलाइन डाइट लेना जरूरी है क्योंकि इसका काम बॉडी के Ph स्तर को संतुलित रखना होता है। हमारा शरीर अम्लीय हो जाने पर बीमारियों का घर बन जाता है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं कोशिकाओं को सुचारू रूप से काम करने के योग्य बनने के लिए शरीर को डीटॉक्स करना बेहद जरूरी होता है और एल्कलाइन डाइट ऐसा करने में कारगर होती है। इसके अलावा एल्कलाइन डाइट एंटी-एजिंग की प्रॉब्लम को दूर करने के साथ पाचन क्रिया को भी मजबूत बनाती है।PunjabKesari, Nari, एल्कलाइन डाइट के फायदे, Alkaline Diet Imageतनाव से भी दूर रखती है एल्कलाइन फूडदिनों-दिन बढ़ते तनाव, स्ट्रेस, प्रदूषण, बीमारी आदि के कारण शरीर तमाम तरह के बदलावों से होकर गुजरता है। ऐसे में आपको अपने खानपान में कुछ एल्कलाइन फूड्स शामिल करना चाहिए, ताकि इम्यून सिस्टम और शरीर का Ph बैलेंस ठीक रहें और आप इन बीमारियों से बच सकें।वजन घटाने में भी है मददगार यह डाइटये एक ऐसी डाइट है जो कैंसर व अर्थराइटिस के खतरे को कम करने के साथ वजन घटाने में भी मदद करती है। दरअसल, एल्कलाइन डाइट बॉडी को क्लींज कर बीमारियों का खतरा कम करती है।PunjabKesari, Nari, एल्कलाइन डाइट के फायदे, Alkaline Diet Imageडाइट में शामिल करें एल्कलाइन फूड्सकंद-मूलएल्कलाइन डाइट में मूली (सफेद, लाल और काली), चुकंदर, गाजर, शलजम और सहिजन आदि का सेवन करें। महज 15-20 मिनट तक भाप में पकाने के बाद ही ये आहार खाएं। इससे दिनभर पेट भी भरा रहता है और शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा भी मिलती है। साथ ही इनका सेवन करने से वजन भी कंट्रोल में रहता है।PunjabKesari, Nari, एल्कलाइन डाइट के फायदे, Alkaline Diet Imageब्रोकलीब्रोकली, गोभी, बंद गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और इस प्रकार की अन्‍य सब्जियां का सेवन भी शरीर में Ph लेवल को बैलेंस रखता है। साथ ही इनका सेवन करने से हार्ट डिसीज व कैंसर का खतरा भी कम होता है।हरी पत्‍तेदार सब्जियांइसमें गोभी, शलजम का साग, पालक आदि सब्जियां शामिल होती हैं। इनमें से पालक सबसे अधिक सेहतमंद सब्‍जी होती है। इन सब्जियों में विटामिन के और फोलेट की मात्रा काफी अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्‍त रखने के साथ Ph लेवल को भी बैलेंस करते हैं। साथ ही इससे लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास होता है, जिससे वजन को काबू में रखने में भी मदद मिलती है।लहसुनजब बात सेहतमंद आहार की होती है तो लहसुन का नाम सबसे पहले आता है। दिल के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ इससे खराब इम्यून सिस्टम, हाई ब्लड प्रैशर और लिवर की समस्याएं भी दूर रहती है।PunjabKesari, Nari, एल्कलाइन डाइट के फायदे, Alkaline Diet Imageशिमला मिर्चशिमला मिर्च सबसे अधिक क्षारीय आहार में शामिल है। इसमें मौजूद एंजाइम्‍स और एंटीबैक्‍टीरियल गुण शरीर की हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, यह तनाव व डिप्रैशन जैसी बीमारियों से लड़ने में भी काफी मदद करता है।नींबूयह कुदरती कीटाणुनाशक है, जो आपके जख्‍मों को भरने का काम करता है। इतना ही नहीं, नींबू खांसी, कोल्‍ड, फ्लू और सीने में जलन से भी राहत दिलाता है। यह लिवर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।ओरेगेनोओरेगेनो में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जोकि कई तरह की बीमारियों से रक्षा करते हैं। यह व्हाइट ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। साथ ही क्षारीय होने के कारण इससे Ph स्तर भी संतुलित रहता है। साथ ही इसका नियमित सेवन युरिनेरी ट्रैक्ट प्रॉब्लम, मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को भी कम करता है।;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;क्षारीय आहार जो दें सेहत और ऊर्जा का उपहारQuick Bitesरक्‍त में पीएच स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच रहना चाहिए।अम्‍लीय भोजन के अधिक सेवन से होती है थकान और सुस्‍ती।क्षारीय भोजन स्‍फूर्ति देता है और साथ ही रखता है रखता है तृप्‍त।अपने आहार में सही खाद्य पदार्थों को शामिल कर रह सकते हैं सेहतमंद।क्षारीय (एल्‍काइन) फूड का सेवन बहुत जरूरी है। हमारे रक्‍त में पीएच स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच रहना चाहिए, जो हल्‍का सा क्षारीय है। हमारे शरीर को इस छोटे से अंतर को बनाये रखने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। और हमारा आहार जितना अधिक अम्‍लीय होता जाता है, हमारे शरीर के लिए मुश्किलें उतनी ही बढ़ती जाती हैं। नतीजतन, हमें थकान का अनुभव अधिक होने लगता है और साथ ही हमारा इम्‍यून सिस्‍टम भी कमजोर होने लगता है। इससे हमें बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।एल्‍काइन डायट पीएच स्‍तर को बनाये रखने में मदद करती हैब्‍लड पीएच स्‍तर से यह पता चलता है कि हमारा आहार कितना क्षारीय अथवा अम्‍लीय है। इस लिहाज से देखा जाए, तो हमारे पेट में मौजूद एसिड का स्‍तर शून्‍य (अधिकतर अम्‍लीय) और ब्‍लीच 14 के करीब (अधिकतर क्षारीय) होता है। शुद्ध पानी इसके ठीक बीच में फिट होता है। उसका पीएच स्‍तर सात होता है।हमारे शरीर को सही प्रकार से काम करने, थकान को दूर रखने और ऊर्जावान बने रहने के लिए पानी से कुछ अधिक एल्‍कालाइन की जरूरत होती है। यह स्‍तर 7.35 से लेकर 7.45 के बीच होता है। हम अपने पीएच स्‍तर को इस बीच में रख सकते हैं, बशर्ते हमारे आहार में क्षारीय भोजन अधिक हो तथा अम्‍लीय भोजन कम।एल्‍कालाइन आहार क्‍या होता हैयदि आप भोजन से पहले ही इस बात का खयाल रखें कि आपका भोजन कितना क्षारीय अथवा अम्‍लीय है, तो इसका आपकी सेहत पर सकारात्‍मक असर पड़ेगा। इसके साथ ही आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे। आप चाहें तो अपने फ्रिज पर एक चार्ट चिपका सकते हैं, जिसमें यह लिखा हो कि आपको कौन सा भोजन करना चाहिए।आइये जानने की कोशिश करते हैं कि किस प्रकार का एल्‍काइन आहार आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है। साथ ही यह भी जानने का प्रयास करेंगे कि किस भोजन में एल्कालाइन की मात्रा अधिक होती है।1. कंद-मूलजमीन के नीचे होने वाली इन सब्जियों में अन्‍य सब्जियों के मुकाबले अधिक मात्रा में मिनरल होते हैं। यह बात भी सही है कि आप उन सब्जियों का सेवन नहीं कर सकते। लेकिन, फिर भी आपको मूली (सफेद, लाल और काली), चुकंदर, गाजर, शलजम और सहिजन आदि का सेवन करें। महज 15 से 20 मिनट तक भाप में पकाने के बाद ये आहार खाने के लिए हो जाते हैं तैयार। ये सब्जियां आपको तृप्‍त रखती हैं। इससे आपको पर्याप्‍त ऊर्जा तो मिलती ही है, साथ ही आपको वजन कम करने में भी आसानी होती है।2. गोभीगोभी को सलीबधारी सब्जियों में रखा जाता है। इस प्र‍जाति की सब्जियां खाने में स्‍वादिष्‍ट और पौष्टिक होती हैं। घर पर बनाये सॉस का का मेल इनके स्‍वाद को और बढ़ा देता है। ब्रोकली, गोभी, बंद गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स और इस प्रकार की अन्‍य सब्जियां आपके पीएच बैलेंस को भी सही रखेंगी व साथ ही आपकी सेहत का भी पूरा खयाल रखेंगी।lemon3. हरी पत्‍तेदार सब्जियांइसमें गोभी, शलजम का साग, पालक आदि सब्जियां शामिल होती हैं। इनमें से पालक सबसे अधिक सेहतमंद सब्‍जी होती है। इन सब्जियों में विटामिन के और फोलेट की मात्रा काफी अधिक होती है। पालक में इनके साथ ही विटामिन, मिनरल, फिटोकेमिकल्‍स और एंटीऑक्‍सीडेंट्स होते हैं। ये पोषक तत्‍व आपको सेहतमंद और ऊर्जावान बनाये रख सकते हैं। पालक के पौष्टिक गुणों की लिस्‍ट यहीं खत्‍म नहीं होती। इसमें फाइबर भी होता है जो आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्‍त रखता है। और साथ ही आपको लंबे समय तक पेट भरे होने का अहसास कराता है। यानी वजन को भी काबू में रखने में मदद मिलती है। पालक का सेवन आपकी आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है।4 लहसुनयह एक चमत्‍कारी आहार है। जब बात सेहतमंद आहार की होती है, तो लहसुन का नाम सबसे ऊपर आता है। दिल के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा करता है। यह रक्‍तचाप को नियंत्रित करता है, लिवर को साफ रखने में मदद करता है और अन्‍य कई बीमारियों से लड़कर शरीर को रोगमुक्‍त रखता है।5. शिमला मिर्चशिमला मिर्च में मौजूद एंजाइम्‍स अंत:स्रावी क्रिया को सही प्रकार से काम करने में मदद करते हैं। यह सबसे अधिक क्षारीय आहार में शामिल है। इसे अपने एंटीबैक्‍टीरियल गुणों के कारण जाना जाता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन ए की उच्‍च मात्रा होती है, जो इसे हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स से लड़ने में मदद करती है। इतना ही नहीं यह तनाव और बीमारियों से लड़ने में भी काफी मदद करता है।6. नींबूनींबू सबसे अधिक क्षारीय भोजन है। यह कुदरती कीटाणुनाशक है जो आपके जख्‍मों को भरने का काम करता है। इतना ही नहीं खांसी, कोल्‍ड, फ्लू और सीने में जलन से भी राहत दिलाती है। यह लिवर के लिए भी काफी फायदेमंद होता है।तो, अपने आहार के बारे में विचार करने से आपको जरूर नफा होता है और ऐसा न करना आपको परेशानी में जरूर डाल सकता है। अच्‍छी सेहत और जोश के लिए पुरानी कहावतों 'सब्‍जी खायें सेहत बनायें' पर यकीन रखें।