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क्या महत्व है त्रिसंकटवृक्ष का?5 वटवृक्षों (अक्षयवट, पंचवट, वंशीवट, गयावट और सिद्धवट )का क्या महत्व


क्या महत्व है त्रिसंकटवृक्ष का?-

वट,पीपल,पाकड़ का एकत्र रोपण त्रिसंकट कहलाता है। इसकी स्थापना बड़ा ही पुण्यदायी है,और बड़े सौभाग्यवान के हाथों ही लग पाता है यह पौधा । अलग-अलग तो बहुत लग जायेंगे,पर एकत्र तीनों को स्थापित होना जरा मुश्किल काम है। कोई न कोई सूख ही जायेगा। वट यानी शिव,पीपल यानी विष्णु, और पाकड़ यानी ब्रह्मा का प्रतीक है इस धरातल पर। त्रिदेवों का एकत्र वास त्रिगुणात्मिका शक्ति का पावन साधना-स्थली होता है,और त्रिगुण से त्राण पाने का माध्यम भी। त्रिसंकट की छाया अपने आप में किसी महान तीर्थ से कम नहीं।

5 तरह के वटवृक्ष :-