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पंच कैलाश यात्रा का क्या महत्व है?PART 01


पंच कैलाश का महत्व (PANCH KAILASH);- 02 FACTS;- 1-मनुष्य के जीवन में पंच कैलाश दर्शन का बहुत बड़ा महत्व है...पूर्ण रूप से महादेव शिव का निवास स्थान 'कैलाश पर्वत' जो तिब्बत में स्थित है को ही माना जाता है | तथा इसके साथ ही महादेव शिव के प्रमुख चार निवास और भी है जिन्हे उप कैलाश भी कहा जाता है 1-1-कैलाश मानसरोवर MOUNT KAILASH AND MANSAROVAR (TIBET - CHINA) 1-2- श्रीखंड SHRIKHAND MAHADEV (HIMACHAL PRADESH) 1-3-किन्नर कैलाश KINNER KAILASH (HIMACHAL PRADESH) 1-4-मणिमहेश, MANIMAHESH KAILASH (HIMACHAL PRADESH) 1-5-ओम पर्वत ADI KAILASH - OM PARBAT (UTTRAKHAND) 2-पंच कैलाश- आदि कैलाश, , कैलाश मानसरोवर, मणिमहेश, श्रीखंड, किन्नर कैलाश.... इन सबकी यात्रा करने से धार्मिक यात्रा पूर्ण मानी जाती है। जिनमे 'श्रीखंड कैलाश' हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में, 'मणिमहेश कैलाश' हिमाचल प्रदेश के चम्बा में, 'किन्नौर कैलाश' हिमाचल के किन्नौर में, तथा 'आदि कैलाश' उत्तराखंड में तिब्बत व् नेपाल की सीमा पर जोंगलीकोंग में विराजमान है | इन पांचो कैलाशों को एक रूप में पंचकैलाश' भी कहते है | 1-कैलाश मानसरोवर;- 10 FACTS;- 1-भगवान शंकर के निवास स्थान कैलाश पर्वत के पास स्थित है कैलाश मानसरोवर। यह अद्भुत स्थान रहस्यों से भरा है। शिवपुराण, स्कंद पुराण, मत्स्य पुराण आदि में कैलाश खंड नाम से अलग ही अध्याय है, जहां की महिमा का गुणगान किया गया है।कैलाश मानसरोवर को शिव-पार्वती का घर माना जाता है। सदियों से देवता, दानव, योगी, मुनि और सिद्ध महात्मा यहां तपस्या करते आए हैं। 2- मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति मानसरोवर (झील) की धरती को छू लेता है, वह ब्रह्मा के बनाये स्वर्ग में पहुंच जाता है और जो व्यक्ति झील का पानी पी लेता है, उसे भगवान शिव के बनाये स्वर्ग में जाने का अधिकार मिल जाता है। 3-पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी के पास कुबेर की नगरी है। यहीं से महाविष्णु के कर-कमलों से निकलकर गंगा कैलाश पर्वत की चोटी पर गिरती है, जहां प्रभु शिव उन्हें अपनी जटाओं में भर धरती में निर्मल धारा के रूप में प्रवाहित करते हैं। कैलाश पर्वत के ऊपर स्वर्ग और नीचे मृत्यलोक है। 4-शिव को पहाड़ों का योगेश्वर यानी गिरीश कहा जाता है। और जब तक वे काशी यानी अविमुक्त क्षेत्र नहीं चले गए, कैलाश में निवास करने वाला उनका विलक्षण परिवार पहाड़ों को आनंदित बनाए रखता था, जिसमें उनकी पहाड़ों की पुत्री उनकी संगिनी पार्वती, उनका पुत्र कार्तिकेय और उनके कई परिचित नंदी (बैल) से लेकर सांप-बिच्छु और भूत-पिशाच तक शामिल थे। 5-मानसरोवर झील पांच पवित्र झीलों या पंच सरोवर में से एक है। इस पंच सरोवर में, मानसरोवर, बिंदु, पंपा, नारायण और पुष्कर झीलें शामिल हैं। महाभारत में कैलाश को पर्वतों का राजा, तपस्वियों के आश्रय का शाश्वत स्वर्ण कमल और जीवन अमृत देने वाली नदियों का स्त्रोत कहा गया है। महाभारत में इस पर्वत के विषय में जो कुछ वर्णित है, वह प्रतीकात्मक रूप से सत्य है। कैलाश पर्वत जहां स्थित है, वहीं से पूरे गंगा के पूरे भारतीय मैदानों में नदीक्रम फूटता है। सिंधु, सतलज, ब्रह्मपुत्र औ