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संजीवनी समाधानः रहें समस्याओं से मुक्त...


Diabetes (मधुमेह) से कैसे हों मुक्त ? Diabetes (मधुमेह) एक बहुत ही आम परंतु खतरनाक बिमारी है| भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को diabetes है| मधुमेह एक ऐसी बीमारी हैं जिसमें रोगी के खून में ग्लूकोज़ की मात्रा (blood sugar level) आवश्यकता से अधिक हो जाती है| ऐसा दो वजहों से हो सकता है : 1 ) या तो आपके शरीर का अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में insulin नहीं बना रहा है | 2 ) या फिर आपका अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि insulin बना तो रहा है परंतु बने हुए insulin को body use नही कर पा रही है | हम जो खाना खाते हैं वो पेट में जाकर energy में बदलता है जिसे glucose कहते हैं| अब काम होता है इस energy/glucose को हमारे body में मौजूद लाखों cells के अन्दर पहुचाना, और ये काम तभी संभव है जब हमारे pancreas (अग्न्याशय) पर्याप्त मात्रा में insulin produce करें| बिना इंसुलिन के glucose cells में प्रवेश नहीं कर सकता| और तब हमारे cells ग्लूकोज़ को जला कर शरीर को उर्जा पहुंचाते हैं| जब यह प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो पाती तो व्यक्ति मधुमेह से ग्रस्त हो जाता है| सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में खाने के पहले blood में glucose का level 70 से 100 mg./dl रहता है। खाने के बाद यह level 120-140 mg/dl हो जाता है और फिर धीरे-धीरे कम होता चला जाता है। पर मधुमेह हो जाने पर यह level सामन्य नहीं हो पाता और extreme cases में 500 mg/dl से भी उपार चला जाता है| मधुमेह के प्रकार: 1 ) Type 1 diabetes: आपके शरीर का अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में insulin नहीं बनाता है| ऐसे में मरीज को बाहर से इंसुलिन देनी पड़ती है | इसे insulin-dependent diabetes mellitus, IDDM भी कहते हैं| 2 )Type 2 diabetes: आपका अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि insulin बना तो रहा है परंतु बने हुए insulin को body use नही कर पा रही है | इसे non-insulin-dependent diabetes mellitus, NIDDM भी कहते हैं| 3 ) Gestational diabetes: ये ऐसी महिलाओं को होता है जो गर्भवती हों और उन्हें पहले कभी diabetes ना हुआ हो| ऐसा pregnancy के दौरान खून में ग्लूकोज़ की मात्रा (blood sugar level) आवश्यकता से अधिक हो जाने के कारण होता है | ये ज्यादातर Type 2 diabetes में परिवर्तित हो जाता है | बीमारी के लक्षण – COMMON SYMPTOMS 1 ) अधिक प्यास या भूख लगना| 2 ) अचानक वज़न का घट जाना| 3 )लगातार कमजोरी और थकावट महसूस करना| 4 )घाव भरने में ज्यादा वक़्त लगना| 5 )बार-बार पेशाब होना| 6 )चीजों का धुंधला नज़र आना| 7 )त्वचा में संक्रमण होना और खुजली होना| Diabetes (मधुमेह) के लिए संजीवनी उपचार १. पहले आभा मंडल को साफ़ करें आभा मंडल को साफ़ करने के लिए संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से जनरल क्लींजिंग करेंगे या महा संजीवनी रुद्राक्ष की विधि आभामंडल साफ़ करेंगे | या ब्रह्मांडीय ऊर्जा से स्नान भी कर सकते है | २. निम्नलिखित चक्रों को संजीवनी रुद्राक्ष या महा संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से "उपयुक्त ऊर्जा " से साफ़ करें : सहस्त्रात्र चक्र आज्ञा चक्र विशुद्धि चक्र छोटा विशुद्धि चक्र अनाहत चक्र मणिपुर चक्र अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि का minor चक्र स्वादिष्ठान चक्र मूलाधार चक्र हाथों और पैरों के चक्र ३. निम्नलिखित चक्रों को संजीवनी रुद्राक्ष या महा संजीवनी रुद्राक्ष की सहायता से "उपयुक्त ऊर्जा " से उर्जित करें : सहस्त्रात्र चक्र आज्ञा चक्र विशुद्धि चक्र अनाहत चक्र मणिपुर चक्र अग्न्याशय (Pancreas) ग्रंथि का minor चक्र स्वादिष्ठान चक्र मूलाधार चक्र हाथों और पैरों के चक्र जिन लोगों को संजीवनी उपचार की विधि नही आती है या उनके पास संजीवनी रुद्राक्ष नही है वो लोग निम्लिखित टिप्स को फॉलो कर सकतें है |(निम्लिखित सारी टिप्स को क्रम में नियमित फॉलो करने से लाभ मिलेंगे ) : १. नमक के पानी से स्नान करें | २. पीले फूल को 10 मिनट अपलक देखें और उसके पश्चात् शिवलिंग पर चढ़ा दें | ३. शिवलिंग को अपलक 5 -8 मिनट के लिए देखिये | Diabetes (मधुमेह) का आयुर्वेदिक उपचार 1 . दाना मेथी – दाना मेथी मधुमेह में बहुत उपयोगी है इसके लिए एक या दो चम्मच दाना मेथी को एक गिलास पानी में रात में भिगो देते है सुबह मेथी को चबा चबा कर खा लेते हैं तथा मेथी के पानी को पी लेते हैं या मेथी का चूर्ण या सब्जी बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। 2 . जामुन – जामुन का फल खाने में जितना स्वादिस्ट और रुचिकारक होता है उतना ही शुगर की तकलीफ में लाभदायक होता है इसके लिए जामुन के सीजन में जामुन के फल खाए जा सकते हैं तथा सीजन ना होने पर जामुन की गुठली का चूर्ण सुबह शाम भूखे पेट पानी से ले सकते हैं। 3 . करेला – करेला भी डायबिटीज के लिए अति महत्पूर्ण है इसके लिए करेले का जूस अकेले या आंवले के जूस में मिला कर 100-125 Ml की मात्रा में सुबह शाम भूखे पेट लें साथ ही करेले की सब्जी बनाकर या चूर्ण के रूप में भी सेवन कर सकते हैं। 4 . एक्सरसाइज नियमित रूप से रोज कम से कम आधे घंटे एक्सरसाइज करनी चाहिए | 5 .विजयसार – विजयसार को ना केवल आयुर्वेद बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी डायबिटीज में बहुत उपयोगी मानता है इसके लिए विजयसार की लकड़ी से बने गिलास में रात में पानी भर कर रख दिया जाता है सुबह भूखे पेट इस पानी को पी लिया जाता है विजयसार की लकड़ी में पाये जाने वाले तत्व रक्त में इन्सुलिन के स्राव को बढ़ाने में सहायता करते हैं। 6 .मधुमेह नाशक पाउडर – इसके लिए गिलोय, गुड़मार, कुटकी, बिल्व पत्र, जामुन की गुठली, हरड़, चिरायता, आंवला, काली जीरी, तेज पत्र, बहेड़ा नीम पत्र एवं अन्य जड़ी बूटियों को एक निश्चित अनुपात में लेकर पाउडर बनाया जाता है जो की डायबिटीज में बहुत फायदेमंद साबित होता है। आपका जीवन सुखी हो यही हमारी कामना है| खुश रहिये और मुस्कुराते रहिये |