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क्या है एक सही पॉस्‍चर /मुद्रा बैठने का,प्राणायाम का, और सोने का... जिससे बीमारियों से बचाव हो सके ?


क्या है एक सही पॉस्‍चर का महत्व?-

07 FACTS;-

1-एक सही शारीरिक मुद्रा आपको लंबा, पतला और सबसे महत्वपूर्ण बात, वह आपको आत्मविश्वासी दिखाती है... और फिर भी, साधारणत: आज भी हम में से ज्यादातर में सही मुद्रा में बैठने का अभाव है । आज की आधुनिक जीवन शैली में लंबे समय तक रीढ़ को झुकाकर रखने से यह तनावपूर्ण हो गई है। अभ्रमण्शील नौकरी, लंबे समय तक काम और उपकरणों का अत्यधिक उपयोग हमारे शरीर को क्न्धों से झुका हुआ और कूबडा बनाते हैं।

2-हमारी कार्यप्रणाली इतनी बिगड चुकी है कि हम बैठना, चलना और सोने का तरीका तक भूल जाते हैं! और यही कारण है कि हम शरीर के विभिन्न भागों में दर्द के साथ अंतिम सांस लेते हैं। अपने खडे होने, बैठने और चलने के ढंग के प्रति सजग हो के, तथा नियमित रूप से कुछ आसन और योग मुद्राओं का अभ्यास करके, दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।

3-शरीर का अपना एक अलाइनमेंट होता है, जिसमें बैठते या खड़े होते व़क्त पीठ सीधी रखना, चलते व़क्त सीधे चलना, खड़े होते व़क्त दोनों पैरों पर समान वज़न डालकर सीधे खड़े रहना आदि है. ग़लत बॉडी पोश्‍चर के कारण स्लिप डिस्क, कमरदर्द, पीठदर्द, ख़राब ब्लड सर्कुलेशन, सीने में दबाव जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिन्हें आप सही बॉडी पोश्‍चर से दूर कर सकते हैं.

4-आधुनिक विचारों के मुताबिक, आराम का मतलब पीछे टेक लगाकर या झुककर बैठना होता है। लेकिन इस तरह बैठने से शरीर के अंगों को कभी आराम नहीं मिल पाता। इस स्थिति में, शारीरिक अंग उतने ठीक ढंग से काम नहीं कर पाते जितना उनको करना चाहिए - खासकर जब आप भरपेट खाना खाने के बाद आरामकुर्सी पर बैठ जाएं।

5-आजकल काफी यात्राएं आराम कुर्सी में होती हैं।अगर आप कार की आरामदायक सीट पर बैठकर एक हजार किलोमीटर की यात्रा करते हैं, तो आप अपने जीवन के कम-से-कम तीन से पांच साल खो देते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि लगातार ऐसी मुद्रा में बैठे रहने की वजह से आपके अंगों पर इतना बुरा असर होता है कि उनके काम करने की शक्ति में नाटकीय ढंग से कमी आ जाती है या फिर वे बहुत कमजोर हो जाते हैं।

6-रीढ़ सीधी रखने, शरीर को सीधा रखने का मतलब यह कतई नहीं है कि हमें आराम पसंद नहीं है, बल्कि इसकी सीधी सी वजह यह है कि हम आराम को बिल्कुल अलग ढंग से समझते और महसूस करते हैं। आप अपनी रीढ़ को सीधा रखते हुए भी अपनी मांसपेशियों को आराम में रहने की आदत डाल सकते हैं। लेकिन इसके विपरीत, जब आपकी मांसपेशियां झुकीं हों, तो आप अपने अंगों को आराम में नहीं रख सकते। आराम देने का कोई और तरीका नहीं है।

7-इसलिए यह जरूरी है कि हम अपने शरीर को इस तरह तैयार करें कि रीढ़ को सीधा रखते हुए हमारे शरीर का ढांचा और स्नायुतंत्र आराम की स्थिति में बने रहें।लंबी दूरी तक गाड़ी चलाते वक़्त पूरी तरह झुक जाना थोड़ी देर का आराम तो दे सकता है लेकिन यह पॉश्चर के लिए सही नहीं है। अपनी सीट को स्टीयरिंग व्हील के पास रखें। अपने पीठ के पीछे एक तकिया या टॉवेल को मोड़कर भी रख सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान..

04 FACTS;-

1-कंधों को झुकाकर नहीं तनकर खड़े हों, पैर सीधे हों, घुटने मुड़े हुए न हों, सिर, गर्दन, कमर और पैर एक सीध में हों और वज़न दोनों पैरों पर बराबर रहे।

2-ऊंची हील के जूते न पहनें। इससे शारीरिक संतुलन बिगड़ता है तथा यह घुटने, एंकल जॉइंट और एड़ी के लिए हानिकारक है।

3-सामान उठाने के लिए घुटनों को मोड़कर झुकें। पैरों को सीधा रखकर खड़े हों क्योंकि पैरों को बाहर की तरफ़ निकालकर खड़े होने से घुटनों को क्षति पहुंचती है। झुककर खड़े होने या बैठने से छाती व पेट के महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती जिसके कारण वे अपना कार्य ठीक से नहीं कर पाते और शरीर धीरे-धीरे रोगी होने लगता है।

4-कुर्सी पर एक ओर झुककर न बैठे। पेट के बल न सोएं। इससे रीढ़ की हड्डी का प्राकृतिक आकार प्रभावित होता है और कंधे आगे की तरफ़ झुक जाते हैं।

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