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विज्ञान भैरव तंत्र की ध्यान की ध्‍वनि-संबंधी "ग्यारह " विधि (46,47 वीं ) का विवेचन क्या है?


विज्ञान भैरव तंत्र की ध्यान विधि 46; -

(ध्‍वनि-संबंधी दसवीं विधि)

14 FACTS;-

1-भगवान शिव कहते है:-

‘’कानों को दबाकर और गुदा को सिकोड़कर बंद करो, और ध्‍वनि में प्रवेश करो।‘’

2-हम अपने शरीर से भी परिचित नहीं है। हम नहीं जानते कि शरीर कैसे काम करता है और उसका ढंग क्‍या है ,मार्ग क्‍या है।

लेकिन अगर तुम निरीक्षण करो तो आसानी से उसे जान सकते हो।अगर तुम अपने कानों को बंद कर लो और गुदा को ऊपर की और सिकोड़ो तो तुम्‍हारे लिए सब कुछ ठहर जायेगा। ऐसा लगेगा कि सारा संसार रूक गया है। गतिविधियां ही नहीं, तुम्‍हें

लगेगा कि समय भी ठहर गया है।अगर दोनों कान बंद कर लिए जाएं तो बंद कानों से तुम अपने भीतर एक ध्‍वनि सुनोंगे। लेकिन अगर गुदा को ऊपर खीं