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क्या है मेटा मेडिटेशन?क्या है इसकी विशेषता ?


META /LOVING KINDNESS MEDITATION;- 1-प्रेम और दया को जाग्रत करने वाला ध्यान मेटा मेडिटेशन की उत्पत्ति बौद्ध परंपराओं से हुई है।मेटा का अर्थ होता है दया, परोपकार और साख।मेटा शब्द की उत्पत्ति पाली शब्द से हुई है। जिसका अर्थ होता है- प्रेम और दया। मेटा ध्यान को दूसरों के प्रति एक सकारात्मक नज़रों से देखने का एक अच्छा माध्यम बताया जा सकता है। जिससे आपके व्यक्तित्व में निखार आता है और दूसरों के प्रति स्नेह बढ़ जाता है। स्नेह बढ़ने के कारण ज्यादा से ज्यादा लोग आपको सम्मान देने लगते हैं। 2-यह एक भावना है, जिसे आप अपने दिल में महसूस करते हैं। इसे लविंग काइंडनेस मैडिटेशन भी कहा जाता हैI इसे करने से हमारे अंदर खुशी की भावनाये उत्पन्न होती है। दया का भाव जागृत होता है, दूसरों के प्रति अच्छे विचार आते है। 3-मेटा ध्यान को लोग प्रेम जागृत करने वाली ध्यान साधना भी कहते हैं। इस के नाम से ही पता चलता है -दूसरों की प्रति दया , प्रेम और आदर की भावना। 4-दया और प्रेम की भावना की ताकत केवल परिवार, धर्म या सामाजिक वर्ग तक सीमित नहीं है। हम अपने स्वयं के साथ शुरू करते हैं और धीरे-धीरे सभी प्राणियों को खुशहाली की खुशी प्रदान करते हैं।इसके लिए Metta Meditation एक अच्छा माध्यम होता है और यह करने में भी बहुत ही आसान होता है। 5-इस ध्यान विधि की शुरुआत सबसे पहले बौद्धों द्वारा की गयी और तिब्बिति लोगो में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को मिला। इसलिए वर्तमान समय में इस ध्यान विधि को तिब्बत काफी लोकप्रिय माना जा रहा है और वैज्ञानिक दृस्टि से भी इसे काफी प्रभावकारी मन गया है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस मेडिटेशन को बहुत ही प्रभावकारी माना गया है। 6-मेटा मेडिटेशन का उदेश्य व्यक्तित्व को निखारना होता है जिसके कारण आप भीड़ में भी अलग दिखाई देते है। यदि आपके भीतर दया और प्रेम की भावना उत्पन्न होती है तो आपको स्वयं सुख का अनुभव होता है। 7-दलाई लामा के अनुसार ''हमारे जीवन का लक्ष्य दूसरों की प्रति दयावान रहना है।'' दूसरों के प्रति प्रेम और दया भाव रखना। हमारी बहुत प्रकार की मानसिक बिमारियों को दूर कर देती है। मेटा मेडिटेशन के लाभ ;- 10 FACTS;- 1-मेटा ध्यान करने हमारे अंदर प्रेम भावना ,दया और कई सकारात्मक भावनाओ का विकास होता है। 2-दूसरों की प्रति प्रेम , दया उत्पन्न होने से हमारे रिश्तों में मिठास आती है और लड़ाई -झगडे बिलकुल खत्म हो जाते हैं। 3-मानसिक शांति प्राप्त होने लगती है और शरीर के रोगों से भी छुटकारा मिलने लगता है। 4-मेटा ध्यान से आपके अवचेतन मन का विकास होता है। शारीरिक और मानसिक रूप से प्रबल बनाता है। 5-मेटा मेडिटेशन करने से ईष्या और द्वेष जैसी भावनाओं का नाश होता है और सकारात्मक विचारों का विकास होता है। 6-यदि मेटा मेडिटेशन को रोज करते है तो इससे आत्म स्वीकृति का विकास होता है। 7-इस आसन को नियमित रूप से करने पर जीवन के उदे्श्य समझने में मदद मिलती है| मेटा मेडिटेशन से लोगों के प्रति प्रेम और दया की भावना पैदा होती है I और आपके अंदर दूसरों के प्रति सहानुभूति में वृद्धि होती हैI 8-ह्रदय को सुरक्षित और स्वस्थ रखता हैं। 9-अवसाद को दूर करता है। 10-नयी चेतना का विकास करता हैं। सावधानी:- 04 FACTS;- 1-मेटा में ज्ञान का उपयोग करना बेहद जरूरी है, जब आप इसका अभ्यास कर रहे है तब भी और जब आप इसे विकसित कर रहे है तब भी| क्योंकि इसमें कुछ ऐसे पहलू हैं, जो आपके जीवन को कठिन बना सकते है| 2-आपको इसे अपने व्यवहार में थोड़ा बहुत शामिल करना है तो यह सही होगा क्योंकि यदि आप अपना दिल बहुत ज्यादा खोलते हैं, तो आप निराधार या थका हुआ महसूस कर सकते हैं। मेटा को करते वक्त संतुलित तरीके से काम करना पड़ता है। 3-मेटा हमारे सभी रिश्तों में जैसे कि हमारे परिवार, दोस्तों, परिचितों, सह-कार्यकर्ताओं के साथ रिश्ते में धैर्य और सही बातचीत लाता है| साथ ही यह हमें बेहतर तरीके से रहना भी सिखाता है| कैसे करे मेटा मेडिटेशन? 4-इसे करने के लिए सबसे पहले एक शांत जगह पर शांतिपूर्वक एक आसन पर बैठ जाये और बैठने के बाद अपनी आँखे बंद कर ले। फिर धीरे धीरे अपने अंदर दया और परोकार की भावनाओं को जागृत करने का प्रयत्न्न करे। शुरुआत में इसे करने में थोड़ा समय लग सकता है। इसके बाद इन भावनाओं को दूसरों की ओर भी अग्रसारित करें। इस आसन को आप अपने मित्र के साथ भी कर सकते है। TECHNIQUE OF LOVING KINDNESS MEDITATION;- मेटा ध्यान करने का तरीका;- 02 FACTS;- इस ध्यान को करने के लिए भी सामान्य ध्यान नियमो का पालन करना पड़ता हैं। 1-इस ध्यान को करने के लिए किसी शांत और स्वच्छ वातावरण वाली जगह का चुनाव करे और हो सके प्रकृति के करीब वाली जगह का चुनाव करे जहाँ पर स्वच्छ हवा, चिड़ियों की मधुर आवाजे और हरियाली हो। जगह का चुनाव करने के बाद किसी भी ध्यान मुद्रा में बैठ जाए जो आपको आरामदायक लगे। 2-अब इस बात का ध्यान रखे की चेहरे पर किसी भी प्रकार का खिचाव ना बिलकुल ऐसे बैठे जैसे आप इस प्रकृति को धन्यवाद दे रहे हो और चेहरे पर हलकी सी मुस्कराहट लाये। मेटा ध्यान का एकमात्र उद्देश्य आपके मन में दूसरों के प्रति और इस प्रकृति के प्रति प्रेम भावना उत्पन्न करना हैं।

EXERCISE ONE;- 3-ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

MEANING IN HINDI;-

हे जगत के परम सत्ता परब्रहम परमेश्वर ,

शांति स्थापित करे |

तीनो लोको में , जल में, धरती में और आकाश में अन्तरिक्ष में, अग्नि में , पवन में, औषधि में , वनस्पति वन में , उपवन में सम्पूर्ण विश्व में ,अवचेतन मे शांति करे |

जीवमात्र के ह्रदय में , मुझमे , तुझमे शांति |

जगत के कण कण में , ॐ शांति शांति शांति भव |

MEANING IN ENGLISH;- May peace radiate there in the whole sky as well as in the vast ethereal space everywhere. May peace reign all over this earth, in water and in all herbs, trees and creepers. May peace flow over the whole universe. May peace be in the Supreme Being Brahman. And may there always exist in all peace and peace alone. Aum peace, peace and peace to us and all beings!

EXERCISE TWO;-

Mantra from Upanishad ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु। मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः MEANING IN HINDI;- ॐ सब सुखी हों सब स्वस्थ हों । सब शुभ को पहचान सकें / सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें कोई प्राणी दुःखी ना हो/किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े। ।। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः MEANING IN ENGLISH;- May All Be Prosperous and Happy May All Be Free from Illness May All See What Is Spiritually Uplifting/May All See what is Auspicious, May No One Suffer In Any Way Om Peace, Peace, Peace.. NOTE-अब अपने मनमें यह महसूस करे कि मेरा मन प्रेम भावना और दया से भर रहा हैं और मेरे अंदर की सारी बुराई मेरे सांसो के माध्यम से बाहर निकल रही है। इस प्रक्रियां को प्रतिदिन कम से कम 20 मिनट के लिए अवश्य करे। आप अनुभव करेंगे की आप पहले से बेहतर बन रहे हैं।

......SHIVOHAM...