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SHAKUN SHASTRA(IN HINDI & ENGLISH)


GOOD & BAD OMENS शकुन शास्‍त्र के 12 सूत्र घर में हर छोटी वस्तु का अपना महत्व होता है। कभी-कभी बेकार समझी जाने वाली वस्तु भी घर में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर देती है। गृहस्थी में रोजाना काम में आने वाली चीजों से भी शकुन-अपशकुन जुड़े होते हैं, जो जीवन में कई महत्वपूर्ण मोड़ लाते हैं। शकुन शुभ फल देते हैं, वहीं अपशकुन इंसान को आने वाले संकटों से सावधान करते हैं। हम आपको घर से जुड़ी वस्तुओं के शकुनों के बारे में बता रहे हैं।

दूध का शकुन सुबह-सुबह दूध को देखना शुभ कहा जाता है। दूध का उबलकर गिरना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति, संपत्ति, मान व वैभव की उन्नति होती है। दूध का बिखर जाना अपशकुन मानते हैं, जो किसी दुर्घटना का संकेत है। दूध को जान-बूझकर छलकाना अपशकुन माना जाता है , जो घर में कलह का कारण है।

दर्पण का शकुन हर घर में दर्पण का बहुत महत्व है। दर्पण से जुड़े कई शकुन-अपशकुन मनुष्य जीवन को कहीं न कहीं प्रभावित अवश्य करते हैं। दर्पण का हाथ से छूटकर टूट जाना अशुभ माना जाता है। एक वर्ष तक के बच्चे को दर्पण दिखाना अशुभ होता है। यदि कोई नव विवाहिता अपनी शादी का जोड़ा पहन कर श्रृंगार सहित खुद को टूटे दर्पण में देखती है तो भी अपशकुन होता है। तात्पर्य यह है कि दर्पण का टूटना हर दृष्टिकोण से अशुभ ही होता है। इसके लिए यदि दर्पण टूट जाए तो इसके टूटे हुए टुकड़ों को इकटठा करके बहते जल में डाल देने से संकट टल जाते हैं।

पैसे का शकुन आज के इस युग में पैसे को भगवान माना जाता है। जेब को खाली रखना अपशकुन मानते हैं। कहा जाता है कि पैसे को अपने कपड़ों की हर जेब में रखना चाहिए। कभी भी पर्स खाली नहीं रखना चाहिए।

चाकू का शकुन चाकू एक ऐसी वस्तु है, जिसके बिना किसी भी घर में काम नहीं चल सकता। इसकी जरूरत हर छोटे-छोटे कार्य में पड़ती है। इससे जुड़े भी अनेक शकुन-अपशकुन होते हैं। डाइनिंग टेबल पर छुरी-कांटे का क्रास करके रखना अशुभ मानते हैं, इसके कारण घर के सदस्यों में झगड़ा हो जाता है। मेज से चाकू का नीचे गिरना भी अशुभ होता है। नवजात शिशु के तकिए के नीचे चाकू रखना शुभ होता है तथा छोटे बच्चे के गले में छोटा सा चाकू डालना भी अच्छा होता है। इससे बच्चों की बुरी आत्माओं से रक्षा होती है व नींद में बच्चे रोते भी नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति आपको चाकू भेंट करे तो इसके बुरे प्रभाव से बचने के लिए एक सिक्का अवश्य दें।

झाडू का शकुन घर के एक कोने में पड़े हुए झाडू को घर की लक्ष्मी मानते हैं, क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालता है। इससे भी कई शकुन व अपशकुन जुड़े हैं। दीपावली के त्यौहार पर नया झाडू घर में लाना लक्ष्मी जी के आगमन का शुभ शकुन है। नए घर में गृह प्रवेश से पूर्व नए झाडू का घर में लाना शुभ होता है। झाडू के ऊपर पांव रखना गलत समझा जाता है। यह माना जाता है कि व्यक्ति घर आई लक्ष्मी को ठुकरा रहा है। कोई छोटा बच्चा अचानक घर में झाडू लगाने लगे तो समझ लीजिए कि घर में कोई अवांछित मेहमान के आने का संकेत है। सूर्यास्त के बाद घर में झाडू लगाना अपशकुन होता है, क्योंकि यह व्यक्ति के दुर्भाग्य को निमंत्रण देता है।

बाल्टी का शकुन सुबह के समय यदि पानी या दूध से भरी बाल्टी दिखाई दे तो शुभ होता है। इससे मन में सोचे कार्य पूरे होते हैं। खाली बाल्टी देखना अपशकुन समझा जाता है, जो बने-बनाए कार्यों को बिगाड़ देता है। रात को खाली बाल्टी को प्रायः उल्टा करके रखना चाहिए एवं घर में एक बाल्टी को अवश्य भरकर रखें, ताकि सुबह उठकर घर के सदस्य उसे देख सकें।

लोहे का शकुन घर में लोहे का होना शुभ कहा जाता है। लोहे में एक शक्ति होती है, जो बुरी आत्माओं को घर से भगा देती है। पुराने व जंग लगे लोहे को घर में रखना अशुभ है। घर में लोहे का सामान साफ करके रखें।

हेयरपिन का शकुन हेयरपिन एक बहुत ही मामूली सी चीज है, परंतु इसका प्रभाव बड़ा आश्चर्यजनक होता है। यदि किसी व्यक्ति को राह में कोई हेयरपिन पड़ा मिल जाये तो समझो कि उसे कोई नया मित्र मिलने वाला है। वहीं यदि हेयर पिन खो जाये तो व्यक्ति के नए दुश्मन पैदा होने वाले हैं। हेयरपिन को घर में कहीं लटका दिया जाए तो यह अच्छे भाग्य का प्रतीक है।

काले वस्त्र का शकुन काले वस्त्र बहुत अशुभ माने जाते हैं। किसी व्यक्ति के घर से बाहर जाते समय यदि कोई आदमी काले वस्त्र पहने हुए दिखाई दे तो अपशकुन माना जाता है, जिसके बुरे प्रभाव से जाने वाले व्यक्ति की दुर्घटना हो सकती है। अतः ऐसे व्यक्ति को अपना जाना कुछ मिनट के लिए स्थगित कर देना चाहिए।

रुई का शकुन रूई का कोई टुकड़ा किसी व्यक्ति के कपड़ों पर चिपका मिले तो यह शुभ शकुन है। यह किसी शुभ समाचार आने का संकेत है या किसी प्रिय व्यक्ति के आने का संकेत है। कहा जाता है कि रूई का यह टुकड़ा व्यक्ति को किसी एक अक्षर के रूप में नजर आता है व यह अक्षर उस व्यक्ति के नाम का प्रथम अक्षर होता है, जहां से उस व्यक्ति के लिए शुभ संदेश या पत्र आ रहा है।

चाबियों का शकुन चाबियों का गुच्छा गृहिणी की संपूर्णता का प्रतीक है। यदि गृहिणी के पास चाबियों का कोई ऐसा गुच्छा है, जिस पर बार-बार साफ करने के बाद भी जंग चढ़ जाए तो यह एक अच्छा शकुन है। इसके फलस्वरूप घर का कोई रिश्तेदार अपनी जायदाद में से आपको कुछ देना चाहता है या आपके नाम से कुछ धन छोड़कर जाना चाहता है। चाबियों को बच्चे के तकिए के नीचे रखना भी अच्छा होता है, इससे बुरे स्वप्नों एवंबुंरी आत्माओं से बच्चे का बचाव होता है।

बटन का शकुन कभी-कभी कमीज़, कोट या अन्य कोई कपड़े का बटन गलत लग जाए तो अपशकुन होता है, जिसके अनुसार सीधे काम भी उल्टे पड़ जाएंगे। इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए कपड़े को उतारकर सही बटन लगाने के बाद पहनें। यदि रास्ते चलते आपको कोई बटन पड़ा मिल जाए तो यह आपको किसी नए मित्र से मिलवाएगा। शकुन शास्त्र - भाग - 2 : पशु-पक्षियों के शकुन :

लक्षण-ज्ञान सूक्ति ज्ञान से भी सूक्ष्म होता है. जैसे अमुक महीने में पांच शनि या पांच मंगल पड़े हैं इस लक्षण के अनुसार कोई विशेष फल होगा ऐसा ज्योतिष शास्त्र निर्देश करता है. स्पष्ट है कि प्रत्येक दिन अपने ग्रह के प्रभाव से संबंध रखता है. यदि चन्द्रमा के एक पूरे चक्कर में कोई दिन चार से अधिक बार आता है तो इसका अर्थ है कि चन्द्रमा पर इस बार उस ग्रह का प्रभाव अधिक पड़ा है. उस प्रभाव का पृथ्वी पर कब या क्या परिणाम होगा यह फलित ज्योतिष व्यक्त करता है.

शकुन शास्त्र दो भागों में विभक्त किया जा सकता है : एक तो ग्रह नक्षत्र, राशि, दिन आदि पर निर्भर फलित ज्योतिष से सम्बन्ध रखनेवाला शकुन शास्त्र और दूसरा दृश्य पदार्थों के द्वारा परिणाम को प्रकट करनेवाला शकुन शास्त्र.

वैसे दोनों को सर्वथा पृथक रखना शक्य नहीं है, क्योंकि दृश्य शकुनों में भी काल, स्थान, नक्षत्र आदि का अनेक बार विचार होता है. और उससे विभिन्न परिणाम निश्चित होते हैं. इसी प्रकार फलित में भी बाह्य चिन्हों की अपेक्षा होती है. परन्तु एक सीमा तक शकुन और ज्योतिष का पार्थक्य संभव है. तथा यहाँ शकुन का भी विचार अभीष्ट है.

शकुन कई प्रकार के माने गए हैं. पशु एवं पक्षियों के शब्द तथा उनकी चेष्टाएं, स्वप्न, अपने अंगों का फड़कना या शरीर के विभिन्न स्थानों में खुजली होना, आकाश से विभिन्न प्रकार की वर्षा या ग्रहों की आकृतियों में दृश्य परिवर्तन, वनस्पतियों तथा तृणों में विशेष परिवर्तन, प्रतिमा, पाषाण तथा जल में विशेष लक्षण दर्शित होना. यात्रा आदि में मिलने वाले पदार्थ, छींक ये शकुनों के मुख्य भेद है.

वैज्ञानिक वेधशालाएं अभी प्रकृति के सूक्ष्म प्रभाव का बहुत अल्प विवरण जान सकी है. नील नदी में बाढ़ आने या अबीसीनिया में वर्षा होने का भारत की वर्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह बतलाना बहुत सूक्ष्म विज्ञान नहीं है. मानी हुई बात है कि अरब सागर की वाष्प यदि अफ्रिका में वृष्टि बन गयी तो सागर के दूसरे तट के देश भारत में वर्षा उधर की वायु से कम होगी.

शकुन शास्त्र के ज्ञान के लिए प्रकृति एवं पशुओं की प्रभाव ग्रहण शक्ति एवं उसे सूचित करने का प्रकार बहुत ही सूक्ष्मता से जानना पडेगा. इस ज्ञान का निरंतर ह्रास होता जा रहा है.

पशु-पक्षियों के शकुन :

प्लेग पड़ने वाला हो तो चूहे पहले मरने लगते हैं यह तो आज का शकुन है किन्तु इससे भी सूक्ष्म शकुन यह है कि कुत्ते प्रात: काल सूर्य की ओर मुख करके रोने लगें तो कोई अमंगल होने वाला है. गधे ग्राम में दौड़ाने और चिल्लाने लगे रात्रियों में बिल्लियाँ या श्रृगाल अकारण रोते हों तो यह भी अमंगल सूचित करते हैं. अकारण बिल्ली, कुत्ता या श्रृगाल के रोने पर समीप ही किसी की मृत्यु की सूचना मानी जाती है. घर के पशु गाय, घोड़े, हाथी अकारण अश्रु बहाएं या चिल्लाएं तो भी अमंगल सूचित होता है.

ऊपर से छिपकली शरीर पर गिर पड़े या गिरगिट दौड़कर शरीर पर चढ़ जाए तो किस अंग पर उसके चढ़ने का क्या परिणाम होता है यह शकुन शास्त्र से सम्बंधित ग्रंथों में विस्तार पूर्वक वर्णित है. इसी प्रकार शरद ऋतु के प्रारम्भ में सूर्य के हस्त नक्षत्र पर अधिष्ठित होने पर खंजन पक्षी के दर्शन का फल भी दिशा भेद से वर्णन किया गया है. कौए के शब्द के अनुसार भविष्य ज्ञान का वर्णन अत्यंत विस्तृत रूप से ग्रंथों में वर्णित है. ऐसे ही अनेक पशु पक्षियों सर्प आदि को और कीड़ों की चेष्टाओं के अनुसार परिणाम जानने की प्रथा है.

यात्रा के समय मार्ग में कौन सा पशु या पक्षी किस दिशा में कैसे मिले तो क्या परिणाम होता है यह शकुन को जानने वाले लोग शास्त्रों में प्राप्त कर लेते हैं. जैसे यात्रा में मृग यूथ का दाहिने आना नेवले और लोमड़ी का दिखाई देना, वृषभ, बछड़े सहित गौ, ब्रह्मचारी हरे फल आदि का दृष्टिगोचर होना ये सब शकुन शुभ सूचक है.

यात्रा में बिल्ली मार्ग काटकर सामने से चली जाए या श्रृगाल बाएँ से दाएं मार्ग काटकर निकल जाए तो लौट आना चाहिए ये शकुन यात्रा में आपत्ति की आशंका सूचित करते हैं.

(साभार - गीताप्रेस गोरखपुर की पुस्तक कल्याण के ज्योतिषतत्त्वांक में प्रकाशित डॉ श्री सुदर्शन सिंह जी "चक्र" के लेख से - DOG & OMEN शकुन शास्त्र में कुत्ते को बहुत महत्व दिया गया है, शकुन शास्त्र के अनुसार कुत्ते के क्रिया-कलापों को देखकर भविष्य में होने वाली अच्छी-बुरी घटनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है इसीलिए शकुन शास्त्र में कुत्ते को शकुन रत्न कहा गया है। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में... 08 FACTS;- 1-यदि कुत्ता बाएं घुटने को सूंघते हुए दिखे तो धन प्राप्ति हो सकती है तथा दाहिने घुटने को सूंघता दिखे तो पत्नी से झगड़ा हो सकता है। 2-भोजन करते समय यदि कुत्ता आपके सामने आकर अपनी पूंछ उठाकर सिर को हिलाता है तो वह भोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि वह भोजन करने से रोगी होने की संभावना रहती है। 3-यदि किसी यात्री को देखकर कुत्ता भय से या क्रोध से गुर्राता है अथवा बिना किसी कारण से इधर-उधर चक्कर काटे तो उस यात्रा करने वाले को धन की हानि हो सकती है। 4-यदि कुत्ता अचानक धरती पर अपना सिर रगड़े और यह क्रिया बार-बार करे तो उस स्थान पर गड़ा धन होने की संभावना होती है। 5-यदि यात्रा करते समय किसी व्यक्ति को कुत्ता अपने मुख में रोटी, पूड़ी या अन्य कोई खाद्य पदार्थ लाता दिखे तो उस व्यक्ति को धन लाभ होने की संभावना बनती है। 6-शकुन शास्त्र के अनुसार यदि किसी रोगी के सामने कुत्ता अपनी पूंछ बार-बार चाटे तो बहुत ही जल्दी उस रोगी की मृत्यु होने की संभावना रहती है। 7-यात्रा के लिए जाते हुए यदि कोई कुत्ता बांई ओर संग-संग चले तो सुंदर स्त्री और धन की प्राप्ति हो सकती है। यदि दाहिनी ओर चले तो चोरी या और किसी प्रकार से धन हानि की सूचना देता है। 8-यदि किसी स्थान पर बहुत से कुत्ते एकत्रित होकर भौंके तो वहां रहने वाले लोगों पर कोई बड़ी विपत्ति आती है या फिर वहां के लोगों में भयंकर लड़ाई-झगड़ा होता है। (ये सभी जानकारियां शास्त्रों और ग्रंथों में वर्णित हैं, लेकिन इन्हें अपनाने से पहले किसी विशेष पंडित या ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले लें।) SAKUNA SASTRA (ASTROLOGY OF OMENS) Our entire Universe is connected by invisible energy lines forming a net. When a particular planetary configuration occurs, the energies of these planets reach the earth on this net and influence the humanbeings and their surroundings. So, the changes or disturbances in our environment are due to planets forming a particular configuration. Sakuna sastra, or nimitta sastra is one of the branches of Astrology where an Astrologer can predict the outcome of a question by observing these changes in the environment. The omens can be classified as good or bad in Sakuna Sastra and accordingly predictions can be made. One of the branches of Astrology where an Astrologer can predict the outcome of a question just by observing the changes in the environment is called ‘Sakuna Sastra’ or ‘Nimitta Sastra’ or Astrology of omens. The word ‘sakuna’ refers to something indicative. ‘Nimitta’ represents something happening at the moment. Let us take an example. A person going on a work found a black cat coming opposite in his way. It is a sakuna or indication that he will see delay or failure in his work. The reason is black represents planet Saturn who gives delays and failures. The cat coming in opposite direction is an indication that Saturn is not favorable for him to carry out that work.

sakuna sastra or Nimitta sastra The amazing thing about Sakuna sastra is that the person who wants to know the future need not have any knowledge of Astrology and planets. He can simply observe the changes around him at that moment and know what is coming to his way.

Science behind Sakuna sastra

Every planet in our Solar System radiates a specific type of energy. When the energies from different planets are combined, we will have a lump of energy called ‘planetary energy flux’.

Dr. Ernst Hartmann soon after the Second World War found that the planetary radiations surround the earth in the form of a net. Two scientists Bill Becker and Bethe Hagens proposed that the entire Universe including our earth is surrounded by a ‘grid plate’ like formation. This grid plate carries energy to all the places in the Universe in the form of lines. These energy lines pass in the direction of earth’s North Pole towards the South Pole. The surprising thing is these energy lines are clearly visible to the birds flying in the sky. They follow these lines while migrating to distant places.

The planetary energy flux first reaches the grid plate. When the planets are in good position, the energy flux flows smoothly on the grid plate. When there are changes in the planetary energies, then the flux will assume different forms. For example, when the planets’ energies are so bad that there is possibility of an earth quake, a sharp spike appears on the plate.

According to Madis Senner, the planetary energy flux from the grid plate is caught by ‘ducts’ on the earth. A duct can be imagined like a pipe which grabs the energy from the grid plate and pumps it down to our earth’s atmosphere. There are innumerable ducts on the surface of the earth which continuously bring the planetary energies into our surroundings.

These planetary energies are absorbed by the human beings, animals, birds, trees, mountains, oceans, objects etc. This is the way the energies from the planets are received by us on the earth. After reaching our surroundings, the planetary energies will influence our thoughts and actions.

Thus there is an interconnection between what is happening at the above and the things going to happen here on the earth. Let us explain this further. Due to a certain planetary configuration, there is planetary energy flux generated. This flux travels on the grid plate which is at the higher atmosphere on the earth. From there, ducts carry the flux into our surroundings on the earth’s surface. This flux influences all objects in our surrounds. When a person wants to know whether he will get a promotion in his job, we should understand that at that moment that person’s thoughts are under the influence of these energies surrounding him. Now the answer for his query is also in those energies entering his surroundings. If the energy flux is good and harmonious, then there will be good happenings in our surroundings. If there are obstacles in the flow of energy or hazardous energy flow is there, then there will be bad happenings showing up. For example, when at that moment, he has seen a boy running with two apples in his hand. This denotes that the boy has fruit (benefit) in his hands and hence the person will definitely get promotion. Since there are two fruit, we can interpret that the promotion happens in two months.

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Application of Sakuna Sastra

There is a story about a lady visiting Varahamihira while he was teaching Astrology to his disciples. The lady said that her husband had gone to a foreign country a few years ago and did not return home and there was no news from him whatsoever. In those days, people used to go to foreign countries to do business and earn money. But most of the people die during their sail. The lady wanted to know whether her husband returns home or not.

At that moment, Varahamihira’s wife entered the hall. She said that she was on the way of drawing the water from the well when suddenly the rope had broken and the bucket fell into the well. She asked Varahamihira to send his disciples to help her get the bucket out of the well. This is an indication (Sakuna or Nimitta) that contains answer for the question of the lady who wanted to know about her husband.

Now Varahamihira turned to his disciples for an interpretation of the Sakuna. The disciples said that the lady’s husband would not return as it was a bad omen that the rope was broken and the bucket had fallen into the well. But one disciple said that the lady’s husband would definitely return. Varahamihira asked why? The disciple said that the water in the bucket reached its original place in the well which was an indication that the man returns to his original (native) place. The breakage of rope was not bad since it was broken due to pull of bucket while reaching its original place. Of course, the lady’s husband returned home after 6 months.

So, when a person poses a question to the Astrologer, the Astrologer first should keenly observe the surroundings for any changes happening due to planetary energies. The changes may be in the objects, birds, animals etc around him or sometimes there would be changes in his body also. These changes indicate the answer for the query. But the Astrologer should be able to interpret the indications (Sakuna or Nimitta) properly. Also, the person asking the query should have strong and genuine desire to know the answer. One should never pose questions just for fun or testing. In such cases the interpretations go wrong.

Good and bad omens

When interpreting the Sakunas (omens), often the Astrologer or the querent will also see the indications in their body. For example, the Astrologer or the querent may have some tingling sensation in one of the body parts which can be interpreted as follows:

It brings good luck and favors if there is a tingling sensation in the entire head, right side of the forehead, corners of the eyes, either side of the nose, in the upper or lower lips, left chest, stomach, right side in the back, right side or left side of the chest just below the shoulder, right hand, elbows, thumbs, waist, right or left thighs, left knee and right leg ankle.

It brings bad luck and there will be difficulties if a tingling happens in the back side of the head, lower or upper eye lids, left eye, neck, back side of the neck, throat, right chest, naval cavity, left hand, entire back, genitals, right knee, left leg ankle, upper side of the right or left foot.

Good objects like musical instruments, fruit, flowers, umbrella, horse, elephant, cow, white ox, mirror, white clothes, meat, honey, rice, food, vegetables, milk, curd, processions related to a festival or marriage ceremony indicate good luck and success.

At the time of asking the question if bad objects like new earthen pot, logs, oil, charcoal, ashes, husk, stones, salt, police, eunuch, physically handicapped, patient, beggar, pregnant lady, snake, cat, pig, monkey, owl, processions related to death ceremony are all indicative of bad luck and failures.

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Sakuna Sastra (Astrology of Omens) Lizard's Falling By Sashikanta Nayak Lizard (Chipkali in Hindi) is two types and it has a greater significance in Sak una Sastra which is called Astrology of omens. But what is Sakuna Sastra? It is one of the branches of Astrology where an Astrologer can predict the outcome of a question just by observing the changes in the environment is called ‘Sakuna Sast ra’ or ‘Nimitta Sastra’ or known as Astrology of omens. The word ‘sakuna’ refers to someth ing indicative. ‘Nimitta’ represents something happening at the moment. Let us take an example. A person going on a work found a black cat coming opposite in his wa y. It is a sakuna or indication that he will see delay or failure in his work. T he reason is black represents planet Saturn who gives delays and failures. The c at coming in opposite direction is an indication that Saturn is not favorable fo r him to carry out that work. The Lizard’s Falling Lizard (Chipkali) is two types and has two types of color (white and black) gene rally seen at home. In Sakuna Sastra white type of Chipkali is most favorable wh ile Black is un-favorable and inauspicious. So Falling of Chipkali in front of a human or its fall in our hand or climbed into our body or its ‘tik tik’ sound has d ifferent omens and indication in our day to day life. Falling of Chipkali (Lizard) 1. If it’s fall in to our head then it’s an omens and indication of getting roy als, wealth, luxury and blessing from the God. a. But if it’s fall in to the person of a Rich man’s head then it’s an om en of destroying of wealth, but reverse incase of a poor person. b. If a rich person in Bad health and bed ridden if the Chipkali fa ll in to his head then the native will get more pain and death like suffering. B ut it’s reverse in case of a poor individual. 2. If the Lizard falls in to the forehead then the native will get class Lu xury and meet various good friends in near future. 3. If the Lizard falls in to the middle of the eyebrow then t he native will get royal grant and prestige. 4. If the Lizard falls in to the nose then the native will ge t auspicious results, rid of pains, and he/she will be fortunate. 5. If the Lizard falls in to the right ear then it will increase the longev ity of the native. 6. If in the left ear them Gains. 7. If the lizard fall in to two eyes then opportunity of Alliances and rela tionship. 8. In to the lip it will destroy wealth. 9. Under the lip it will Increases the health, wealth and Luxuries. 10. If the Lizard falls in to the right hand shoulder then the native gain r espect from one’s spouse, higher post in job, and meet various good friends and in contact with influence peoples 11. If the Lizard falls in to the left hand shoulder then the native will get fear from Govt or higher authorities. 12. If the Lizard falls in to the above the Larynx (throat) th en the native will get favorite good and materialistic and destroy his enemy. 13. In the right side of the throat gain of friends. 14. If the Lizard falls above the face then Gain of Sweet food, but no resul t will experience if its climb into your face and shoulder at the same time. 15. If it fall in to nails then Gain of wealth. 16. If it fall into the any of the two Breasts of men then for left side it’s bring Bad luck and for right side fortunate. Women’s, Left side good luck and right bad. 17. If in to the womb then native will get well-wisher and good loveable

so after one month the nat ive will die or he/she may get some respite. If its fell in to your left body part and simultaneously if it’s get down through the same left side body then you will get all types of gains 34. For the right thigh it will destroy ones wealth and for left it is a goo d omen regarding your son. Krura Var.

Nakshatra(Constellation):-

Aswani(Beta Arietis) . If you’re sleeping and then its fall in to you. Hasta(l Aquarii). If the Chipkali fall into a pregnant women’s womb the she will birth great fortunate son 21. Anuradha(Betelgeuse). Ashlesha(e Hydrae). Chaturdashi(Mth). and for left foot its destro y your good friend’s and longevity 27. (NB. If its fall into your genitalia then you will meet friends 26.Gain of lo . These are the Moon cycle from 1 to 14th day and Poornima is the full moo n while Amavasya is full waning moon.Dangerto death.Gaines. If its fall in to your toes then it’s a omen of being tension and getting in to life threaten danger 29. Abhijit(). A mavasya (full waning moon) . Navami(9111). Mrigashira(l Orionis) Gain of wealth. Krittika (Alcyone).Pain till the death. Moola(l Scorpii). Bh arani(41 Arietis) . Shasthi (6th). Saptami(7*b). Thursday. If it fall in to the right hand of any native then he/she will get new w earer and reverse in case of left hand 19. If fall in to the hip then indication of new diseases. If its fell in to your right body part and simultaneously if it’s get down through the left side of your body then you will get all types of deprivations 35. Uttara Bhadrapada(g Pegasi) Huge gain or Gain of Royal or States.Auspicious. Jama Ghantaka Yoga.Ausp icious. But death like suffering would be s ure 36. If it fall while you eating vessels then you will get wealth 37.Diseases giver. Purva Bhadrapada(b Pegasi). Magha(e Hy-drae). Dwitiya(2nd).Purva Phalguni(d Leoni s). Punarvasu(b Geminorium). Baidhruthi. Arudra(Betelgeuse) . Dwadasi(12^) Wealth. There would be no result if during the Panchanga time of Vadra or Dagda Thithi . Poornima(Full Moon). If the lizard fall in front of you not in you then you will get desired result and wishes 38. Pu shya(d Cancri) . Krura Lagna 40. Panchami(50^ . If it fell in to your feet and at that time if its climbed upward up to your head then you will get Royals and vast land 33. Dasami(IOth) .Gain of Son. Uttara Ashadha(s Sagittarii).Danger. If its fall into your (head)hairs then danger to death 32. If the lizard fall in to any part of your body and if it’s go upward then it’s a omen of improvements of that period of time 39. Days : Monday. If the lizard fall between your ankle and foot then it will kill your wi fe 31. Chi-tra(Spica). if it climb up to the top then once get good dresses 23.Painfull. If it fell between your big toe and small toe then you may opt for a big holiday with your all family members 30. Jeysta(Antares).Des troyerofwealth. Mrutu. Tryodashi(13*b). For two thighs its bring sound wealth 24. If its fall in to your two feet then you will be in danger 28. T rutiya(3rd) . Vishakha(A Librae) . Chaturthi(4^) . Dhanista(b Delphini ) . Tithi : Pratipada(Ist). For right foot brings long distance travel. Rohini(Aldebaran). please check the Vedic Panchang will help to understand these termilogy) 42. Between the two keens you will get Good vehicles 25. Swati(A Bootis) .Cure and successful. Ekadash i(IIth) . Purva Ash adha(d Sagittarii). or death like sufferings 20. Wed.Create Diseases.Gains. Astami(Sth).Uttara Phaguni (Denebola) .friends 18. Friday : Auspicious result Tuesday. Sh atabhishaj(l Aquarii). Bring death if it fall above your heart. If fall in the back area then one lose his son 22. Saturd ay. but after falling . Revati (z Piscium) . Sunday : Inauspicious result 41. Shravana(A).

Donates to priest like (Black grams. also light some lamps to get rid of the evils. By Sashikanta Nayak. DOS or Remedies After the Lizard fell in to you go and do a bath without changing your clothes.com . gold etc with proper Dakshina) pray to your lord or esta devi to get rid of evil effect by chanting 108 time the Mantra. money. This above remedies also can be done if the fall of lizard is auspicious to strengthen its effect. til.;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;;

छिपकली (Lizard) का गिरना शुभ या अशुभ..जनिये |

क्‍या आप पर कभी छिपकली गिरी है। शायद कभी न कभी तो ऐसा हुआ ही होगा। लेकिन क्‍या आपने इस बात पर ध्‍यान दिया कि छिपकली आपके किस अंग पर गिरी थी। अगर हां, तो यह लेख जरूर पढ़ें। इसमें कोई शक नहीं कि तमाम लोग इसे अंधविश्‍वास कहते हैं, लेकिन ऐसे लोगों की भी कोई कमी नहीं जो यह मानते हैं कि शरीर पर छिपकली गिरने से कुछ न कुछ जरूर होता है।

हम आपको वही बातें यहां बताने जा रहे हैं, जो लोग मानते हैं। हम आपसे यह भी नहीं कह रहे हैं कि आप भी मानें, लेकिन हां अगर आप इसे अंधविश्‍वास कहते हैं, तो यह भी जान लीजिये कि इसे इतना महत्‍व क्‍यों दिया जाता है।

ज्‍योतिष कहते हैं कि पुरुषों के बायें अंगों एवं स्त्रियों के दाहिने अंगों पर छिपकली गिरना अशुभ होता है। तथा पुरुष के दाहिने अंगों पर एवं स्‍त्री के बायें अंगों पर गिरना शुभ माना जाता है। ऐसी अवस्‍था में उस स्‍थान को पानी से धो लेना चाहिये अगर हो सके तो स्‍नान कर लें, क्‍योंकि छिपकली की त्‍वचा से निकलने वाला पसीना जहर के समान होता है। स्‍लाइर में देखें छिपकली गिरने से जुड़ी मान्‍यताएं।

माथे पर

माथे पर

छिपकली अगर माथे पर गिरती है तो संपत्ति मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

बालों पर

बालों पर

यदि छिपकली आपके बालों पर गिरती है, इसका मतलब मृत्‍यु सामने खड़ी है।

दाहिने कान पर

दाहिने कान पर

दाहिने कान पर छिपकली का गिरना यानी आभूषण की प्राप्ति होगी।

बायां कान

बायां कान

बायें कान पर छिपकली का गिरना यानी आयु वृद्धि।

नाक

नाक

नाक पर छिपकली गिरना यानी जल्‍द ही भाग्‍योदय होगा।

मुख

मुख

मुख पर छिपकली गिरना यानी मधुर भोजन की प्राप्ति होगी।

बायां गाल

बायां गाल

बायें गाल पर छिपकली गिरना यानी पुराने मित्र से मुलाकात होगी।

दाहिना गाल

दाहिना गाल

दाहिने गाल पर छिपकली गिरना यानी आपकी उम्र बढ़ेगी।

गर्दन

गर्दन

गर्दन पर छिपकली गिरने का मतलब यश की प्राप्ति होगी।

दाढ़ी

दाढ़ी

दाढ़ी पर छिपकली गिरने का मतलब आपके सामने जल्‍द ही कोई भयावह घटना हो सकती है।

मूंछ

मूंछ

मूंछ पर छिपकली गिरना यानी सम्‍मान की प्राप्ति।

भौंह

भौंह

भौंह पर छिपकली गिरना यानी धन हानि।

दाहिनी आंख

दाहिनी आंख

दाहिनी आंख पर छिपकली गिरने का मतलब किसी दोस्‍त से मुलाकात होगी।

बायीं आंख

बायीं आंख

बायीं आंख पर छिपकली गिरने का मतलब जल्‍द ही कोई बड़ी हानि होगी।

कंठ

कंठ

कंठ पर छिपकली गिरने का मतलब शत्रुओं का नाश होगा।

पीठ के मध्‍य

पीठ के मध्‍य